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गूगल ने कर्मचारियों को विदेश-यात्रा से बचने की सलाह दी:अमेरिका वापसी में हो सकती है 1 साल की देरी, H-1B वीजा होल्डर्स सबसे ज्यादा प्रभावित

7 months ago

गूगल ने अपने कुछ कर्मचारियों को अमेरिकी वीजा पर होने की वजह से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने से मना किया है। इसकी वजह अमेरिकी एम्बेसी और कॉन्सुलेट में वीजा स्टैंपिंग के लिए अपॉइंटमेंट में भारी देरी है। एक इंटरनल मेमो में कहा गया है कि कुछ जगहों पर यह डिले 12 महीने तक पहुंच गया है। अगर कर्मचारी बाहर जाते हैं तो अमेरिका वापस आने में लंबा समय लग सकता है। यह सलाह खासतौर पर H-1B वीजा होल्डर्स के लिए है, जो टेक इंडस्ट्री में बहुत इस्तेमाल होता है। मेमो में क्या कहा गया कंपनी के बाहर के इमिग्रेशन लॉ फर्म BAL इमिग्रेशन लॉ ने 18 दिसंबर को यह मेमो भेजा। इसमें लिखा है कि कई US एम्बेसी और कॉन्सुलेट में वीजा स्टैंपिंग अपॉइंटमेंट की वेटिंग 12 महीने तक हो गई है। अगर वीजा स्टैंप की जरूरत है तो देश छोड़कर जाना रिस्की हो सकता है। क्योंकि बाहर लंबे समय तक फंसने का खतरा है। यह प्रभाव H-1B, H-4, F, J और M वीजा पर पड़ रहा है। गूगल ने इस पर अभी कोई ऑफिशियल कमेंट नहीं किया है। देरी की मुख्य वजह क्या है ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने इस महीने H-1B वीजा एप्लीकेंट्स की वेटिंग बढ़ा दी है। इसमें सोशल मीडिया अकाउंट्स की स्क्रीनिंग भी शामिल है। स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा है कि अब हर केस की अच्छी तरह जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। नई पॉलिसी के तहत ऑनलाइन प्रेजेंस रिव्यू हो रहा है, जिससे अपॉइंटमेंट्स कैंसिल हो रहे हैं और नए डेट मार्च 2026 तक मिल रहे हैं। भारत, आयरलैंड और वियतनाम जैसे देशों में यह समस्या ज्यादा है। पहले भी दी थी ऐसी सलाह सितंबर में भी गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने कर्मचारियों को विदेश यात्रा से बचने को कहा था। तब H-1B वीजा होल्डर्स को अमेरिका में ही रहने की सलाह दी गई थी। अब फिर से यही स्थिति बन गई है। इस साल ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने नए H-1B एप्लीकेशन पर 1 लाख डॉलर की फीस भी लगा दी है, जिससे प्रोग्राम पर और प्रेशर पड़ा है। H-1B वीजा क्या होता है और क्यों जरूरी H-1B वीजा हाई स्किल्ड वर्कर्स के लिए है, जो टेक कंपनियां जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट इस्तेमाल करती हैं। ज्यादातर कर्मचारी भारत और चीन से आते हैं। यह वीजा 3 साल का होता है और एक्सटेंड किया जा सकता है। लेकिन बाहर जाने पर नया स्टैंप लगवाना पड़ता है, जो अब मुश्किल हो गया है। टेक सेक्टर में हजारों कर्मचारी इससे प्रभावित हैं। आगे क्या हो सकता है देरी और बढ़ सकती है क्योंकि नई वेटिंग पॉलिसी पूरी तरह लागू हो रही है। कई अपॉइंटमेंट्स पहले से कैंसिल हो चुके हैं। कर्मचारियों को सलाह है कि अगर जरूरी न हो तो ट्रैवल प्लान कैंसिल करें। इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि आने वाले महीनों में स्थिति और टाइट हो सकती है।
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