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Navratri Navami 2026 Hawan: नवरात्रि नवमी पर हवन का मुहूर्त और अग्नि वास कब ? इसके बिना हवन नहीं किया जाता

4 months ago

Chaitra Navratri Navami 2026: चैत्र नवरात्रि की महानवमी 27 मार्च 2026 को है. नवमी तिथि पर नवरात्रि का समापन होता है. इस दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा, कन्या पूजन और हवन करने का विधान है.नवरात्रि के आखिरी दिन महानवमी पर हवन बहुत मायने रखता है. ये 9 दिन की पूजा के पूर्ण होने का प्रतीक है. नवरात्रि की महानवमी  हवन करने का मुहूर्त,नियम, इस दौरान अग्निवास क्यों देखा जाता है इसका महत्व, विधि सब जानें.

चैत्र नवरात्रि नवमी पर हवन का मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि 27 मार्च 2026 को सुबह 10.06 मिनट तक ही है. ऐसे में नवमी तिथि के समापन से पहले सुबह जल्द ही माता की पूजा करने के बाद कन्या पूजन और फिर हवन कर लें.

  • हवन मुहूर्त - सुबह 6.17 - सुबह 10.54
  • सर्वार्थ सिद्धि योग - सुबह 6.17 - दोपहर 3.24 (इस योग में किए गए धार्मिक कार्य सिद्ध होते हैं)
  • रवि योग - पूरे दिन

नवरात्रि हवन में अग्निवास

हवन में अग्निवास का विशेष महत्व है. अग्निवास अर्थात अग्नि का वास जब पृथ्वी पर हो तब हवन का शुभ फल प्राप्त होता है. यही वजह है कि धार्मिक अनुष्ठान में हवन करने से पहले अग्निवास देखा जाता है. हालांकि दुर्गाहोम या नवरात्रि होम में अग्निवास देखने की आवश्यकता नहीं होती है.

पंचांग और ज्योतिष गणना के अनुसार 27 मार्च को अग्निवास पृथ्वी पर है. ऐसे में नवरात्रि की महानवमी पर हवन का शुभ फल प्राप्त होगा.

क्या है अग्निवास

शास्त्रों के अनुसार यह कहा गया है की दिन और तिथि के हिसाब से अग्नि अलग-अलग लोकों में वास करती है. उसके वास स्थान से यह पता चलता है की उस दिन या तिथि में हवन करना उचित है या नहीं अर्थात् उसका परिणाम सकारात्मक होगा या नकारात्मक. अग्नि तीन स्थानों में से किसी एक में निवास कर सकती है.

  1. पृथ्वी - सुख-सुविधा प्रदान करती है.
  2. आकाश - जीवन के लिये हानिकारक.
  3. पाताल - धन को नष्ट करती है.

नवरात्रि हवन सामग्री

  • आम या पीपल की सूखी लकड़ी (समिधा)
  •  शुद्ध देसी घी
  • जौ
  • तिल (काले या सफेद)
  • हवन सामग्री (जड़ी-बूटियों का मिश्रण)
  • नारियल (पूजा के लिए)
  • चावल (अक्षत)
  • फूल और माला
  • कपूर
  • पान, सुपारी, लौंग, इलायची
  • गुड़ या शक्कर
  • रोली, मौली (कलावा)
  • गंगाजल
  • धूप, दीप और अगरबत्ती
  • देवी मंत्र या दुर्गा सप्तशती की पुस्तक

नवरात्रि हवन विधि

  • घर के साफ-सुथरे स्थान पर हवन कुंड स्थापित करें
  • उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें
  • हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर समस्त देवी देवताओं का स्मरण करें और हवन करने का संकल्प लें
  • हवन कुंड में लकड़ी (समिधा) रखें. कपूर जलाकर अग्नि प्रज्वलित करें
  • सबसे पहले गणेश जी के मंत्र का उच्चारण करते हुए आहुति दें
  • फिर देवी मंत्रों के साथ आहुति. हर मंत्र के बाद “स्वाहा” बोलते हुए सामग्री अग्नि में डालें
  • जौ, तिल और घी मिलाकर 11, 21 या 108 आहुति दें
  • अंत में नारियल, गुड़ और घी मिलाकर पूर्णाहुति दें
  • देवी से प्रार्थना करें कि हवन सफल हो
  • किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा मांगें और फिर आरती करें.

Navratri 2026 Day 9 Puja: नवरात्रि महानवमी 27 मार्च को, मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि, भोग, हवन-कन्या पूजा का मुहूर्त देखें

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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