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मैहर शारदा मंदिर में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन आस्था का सैलाब, दर्शन के लिए जुटे लाखों श्रद्धालु!

2 months ago

मध्यप्रदेश के मैहर में स्थित मां शारदा मंदिर में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला. सुबह से ही हजारों श्रद्धालु त्रिकूट पर्वत पर विराजमान माता के दर्शन के लिए पहुंचने लगे. प्रशासन ने पहले ही लाखों भक्तों के आने का अनुमान जताया था.

नवरात्रि के पहले दिन शाम 6 बजे तक कुल 77,560 श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए. इनमें 72,010 भक्त सीढ़ियों के रास्ते पहुंचे, 4,500 श्रद्धालु रोपवे के जरिए और 1,050 लोग वाहन मार्ग से मंदिर पहुंचे. भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी के चलते व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रही और दर्शन सुचारू रूप से चलते रहे.

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त्रिकूट पर्वत पर विराजमान है दिव्य शक्तिपीठ

त्रिकूट पर्वत की ऊंचाई पर स्थित मां शारदा मंदिर को देश के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है. मान्यता है कि माता सती का हार इसी स्थान पर गिरा था, जिसके कारण इस जगह का नाम “मैहर” पड़ा. यह मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां होने वाले चमत्कारों को लेकर भी श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है.

अल्हा-उदल की रहस्यमयी परंपरा आज भी जिंदा

इस मंदिर की सबसे अनोखी परंपरा अल्हा और उदल से जुड़ी है. लोकमान्यता के अनुसार, आज भी सबसे पहले पूजा अल्हा करते हैं.

मंदिर के पुजारी पवन पांडेय के अनुसार, पहाड़ी के नीचे स्थित आल्हा अखाड़ा के तालाब से रोज कमल के फूल अपने आप मंदिर में पहुंच जाते हैं. इसके अलावा देर रात घंटियों की आवाजें भी सुनाई देती हैं, जिन्हें अल्हा की पूजा से जोड़ा जाता है.

यही वजह है कि रात की आरती के बाद मंदिर को पूरी तरह बंद कर दिया जाता है और किसी को भी ऊपर रुकने की अनुमति नहीं दी जाती.

अमरत्व की कथा से जुड़ा है विश्वास

लोककथाओं के अनुसार, अल्हा-उदल ने मां शारदा की कठोर तपस्या कर अमरत्व का वरदान प्राप्त किया था. तभी से यह विश्वास है कि अल्हा आज भी जीवित हैं और रोज सबसे पहले माता के दरबार में हाजिरी लगाते हैं. यही कारण है कि इस मंदिर को दुनिया के सबसे रहस्यमयी और चमत्कारी मंदिरों में गिना जाता है.

भक्ति, परंपरा और विश्वास का संगम बना मैहर

नवरात्रि के पहले दिन से ही मैहर में भक्ति और आस्था का माहौल चरम पर है. देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचकर मां शारदा के दर्शन कर रहे हैं और अपनी मनोकामनाएं मांग रहे हैं.

नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मैहर एक बार फिर आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है, जहां हर भक्त दिव्य अनुभव की उम्मीद लेकर पहुंच रहा है.

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