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Testicle Pain Causes:हल्की-सी चोट लगते ही होता है तेज दर्द, आखिर शरीर के बाहर ही क्यों लटके रहते हैं टेस्टिकल्स?

5 months ago

Why Do Testicles Hang Outside The Body: हल्की-सी चोट लगते ही तेज दर्द क्यों होता है और आखिर टेस्टिकल्स शरीर के बाहर ही क्यों रहते हैं, यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है. दरअसल, मेल रिप्रोडक्टिव सिस्टम का यह हिस्सा बेहद संवेदनशील और खास बनावट वाला होता है. टेस्टिकल्स को घेरने वाली थैली को स्क्रोटम कहा जाता है, जो पीनस के नीचे स्थित स्किन और मांसपेशियों से बनी एक मजबूत लेकिन लचीली स्ट्रक्चर है. इसके अंदर दो अंडाकार ग्लैंड्स होती हैं, जो स्पर्म बनाने और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन रिसाव करने का काम करती हैं.

क्यों होते हैं बाहर?

हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली बेवसाइट clevelandclinic के अनुसार, टेस्टिकल्स शरीर के बाहर इसलिए होते हैं क्योंकि इन्हें सामान्य शरीर के तापमान से थोड़ा कम तापमान की जरूरत होती है. स्पर्म निर्माण सही तरीके से तभी हो पाता है जब तापमान शरीर से कुछ डिग्री कम रहे. स्क्रोटम एक तरह से क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम की तरह काम करता है. इसमें मौजूद क्रीमास्टर मांसपेशी जरूरत के मुताबिक टेस्टिकल्स को शरीर के करीब या दूर ले जाती है, ताकि तापमान संतुलित रहे. इसी कारण प्रकृति ने इन्हें पेट के भीतर नहीं, बल्कि बाहर लटकने की व्यवस्था दी है.

हल्का चोट होने पर दर्द क्यों होता है?

Medicalnewstoday की रिपोर्ट के अनुसार, अब सवाल आता है कि हल्की चोट पर इतना तेज दर्द क्यों होता है. इसका मुख्य कारण है नसों की की अधिकतम. टेस्टिकल्स में बहुत घनी और कोमल नर्व एंडिंग्स होती हैं. शरीर के छोटे से हिस्से में इतनी ज्यादा नसें होने की वजह से हल्का-सा झटका भी तेज दर्द में बदल जाता है. इसके अलावा यह हिस्सा बाहरी है और हड्डियों या मोटी मांसपेशियों से सुरक्षित नहीं है, इसलिए चोट का असर सीधे इन पर पड़ता है.

कैसे होता है बचाव?

हालांकि नेचर ने कुछ सुरक्षा उपाय भी दिए हैं. स्क्रोटम की त्वचा लचीली होती है, अंदर रेशेदार परत ट्यूनिका अल्बुजिनिया मौजूद रहती है और टेस्टिकल्स में हल्की-सी मोशन भी होती है, जिससे वे झटके को कुछ हद तक सह सकें. लेकिन ये सुरक्षा पूरी तरह दर्द से नहीं बचा पाती. कई बार टेस्टिकल्स पर चोट लगने के बाद पेट या निचले हिस्से में भी दर्द महसूस होता है. इसे रेफर्ड पेन कहा जाता है. दरअसल, भ्रूण विकास के दौरान टेस्टिकल्स शुरुआत में पेट के अंदर बनते हैं और बाद में नीचे की ओर उतरते हैं. इसी वजह से इनके कुछ नसों के संबंध पेट के हिस्से से जुड़े रहते हैं. जब चोट लगती है तो दिमाग को संकेत मिलता है, लेकिन वह हमेशा सटीक स्थान पहचान नहीं पाता, जिससे पेट में भी दर्द या मितली महसूस हो सकती है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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