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समर्पण के साथ देश की सेवा! सिर्फ व्यापार नहीं है पतंजलि का 'पारदर्शी मिशन', इसके बारे में जानें

7 months ago

Patanjali Ayurveda: पतंजलि आयुर्वेद का दावा है कि कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. जहां अधिकतर कंपनियां मुनाफे और बाजार में हिस्सेदारी की दौड़ में शामिल हैं, वहीं पतंजलि ने खुद को एक 'मिशन' के तौर पर पेश किया है. कंपनी का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य केवल व्यापार करना नहीं, बल्कि पूरी पारदर्शिता और समर्पण के साथ राष्ट्र का हित साधना है.

व्यापार में नैतिकता और राष्ट्रवाद का होना जरूरी- रामदेव

पतंजलि ने कहा, ''कंपनी के संस्थापकों, योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण का मानना है कि व्यापार में नैतिकता और राष्ट्रवाद का होना अनिवार्य है. 'पारदर्शी मिशन' (Transparent Mission) के तहत, कंपनी यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि उपभोक्ताओं को यह पता हो कि वे क्या इस्तेमाल कर रहे हैं. उत्पादों की गुणवत्ता से लेकर उनकी कीमत निर्धारण तक, पतंजलि ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के एकाधिकार को चुनौती दी है और आम भारतीय को किफायती विकल्प उपलब्ध कराए हैं.''

पतंजलि की कार्यशैली का केंद्र बिंदु 'स्वदेशी' 

पतंजलि की कार्यशैली का केंद्र बिंदु 'स्वदेशी' है. कंपनी का कहना है, ''जब देश में बनी वस्तुओं का उपयोग बढ़ता है, तो उसका सीधा फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था को होता है. पतंजलि अपने कच्चे माल की खरीद सीधे भारतीय किसानों से करने पर जोर देती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है. इसके अलावा, कंपनी का यह भी दावा है कि व्यापार से होने वाले लाभ का एक बड़ा हिस्सा निजी संपत्ति बनाने के बजाय, चैरिटी, शिक्षा, गौ-सेवा और योग के प्रचार-प्रसार में लगाया जाता है.''

अंतिम लक्ष्य है समृद्ध और स्वस्थ भारत

पतंजलि ने कहा, ''अनुसंधान (Research) के क्षेत्र में भी कंपनी ने हरिद्वार में बड़े पैमाने पर निवेश किया है, ताकि आयुर्वेद को आधुनिक विज्ञान के मानकों पर खरा साबित किया जा सके. आलोचकों के बावजूद, पतंजलि अपने इस रुख पर कायम है कि उनका अंतिम लक्ष्य "समृद्ध और स्वस्थ भारत" है. संक्षेप में कहें तो, पतंजलि का यह मॉडल कॉरपोरेट जगत के लिए एक केस स्टडी है, जो यह दर्शाता है कि कैसे आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रवाद को साथ लेकर भी एक सफल ब्रांड खड़ा किया जा सकता है.''

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