Language Settings
Select Website Language
newshunt
newshunt

नसराली में बतौर मेहमान रहता था धर्मेंद्र का परिवार:रिटायर्ड टीचर बोले- मकान मालिक नहीं लेते थे किराया, अभी तक नहीं तोड़ा घर

11 months ago

8

0

दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र का जन्म लुधियाना जिले के गांव नसराली के जिस घर में हुआ वो भले ही अब जर्जर हाल में है, लेकिन मकान को देखकर ग्रामीण आज भी धर्मेंद्र को याद करते हैं। धर्मेंद्र के पिता केवल किशन सिंह देयोल नसराली के सरकारी स्कूल में टीचर थे। गांव के लोग उन्हें मास्टर जी कहकर बुलाते थे। मास्टर जी के परिवार को पूरा गांव बतौर मेहमान रखता था। गांव के रिटायर्ड टीचर जसवंत सिंह बताते हैं कि धर्मेंद्र के पिता से इस मकान के मालिक पंडित विजय कुमार किराया नहीं लेते थे। मास्टर जी की पहली पोस्टिंग इसी गांव में हुई थी। मास्टर जी ने गांव में दो साल नौकरी की और वो इसी घर में रहे। धर्मेंद्र का जन्म भी 8 दिसंबर 1935 को इसी गांव में हुआ था। दोनों एक ही विभाग में करते थे काम जसवंत सिंह ने बताया कि पंडित विजय कुमार और धर्मेंद्र के पिता केवल किशन सिंह देओल दोनों शिक्षा विभाग में काम करते थे। उस समय शिक्षकों को बेहद सम्मान दिया जाता था। उन्होंने बताया कि केवल किशन सिंह देओल डे- बोर्डिंग स्कूल में टीचर थे। पंडित विजय कुमार ने उनसे कभी किराया नहीं लिया। उन्हें गांव में मेहमान के तौर पर रखा जाता था। पंडित विजय कुमार ने भी इस घर को नहीं तोड़ा जसवंत सिंह बताते हैं कि पंडित विजय कुमार शिक्षा विभाग में सुपरिंटेंडेंट थे और वो रिटायरमेंट के बाद चंडीगढ़ में रहने लगे। वो धर्मेंद्र से लगातार संपर्क में रहते थे। पंड़ित विजय कुमार व उनके परिवार ने सक्षम होने के बाद भी इस घर को तोड़कर नहीं बनाया। जसवंत सिंह ने बताया कि कई बार उनसे इस घर को नए सिरे से बनाने को कहा तो वे कहते थे कि इसमें धर्मेंद्र जैसी हस्ती का जन्म हुआ है, इसलिए इसे नहीं तोड़ेंगे। उन्होंने बताया कि पंड़ित विजय कुमार ने पहले तो इस घर को संजो कर रखा, लेकिन जब उनकी उम्र बढ़ती गई तो वो भी गांव नहीं आए। लंबे समय से वो और उनके परिवार के लोग इस घर में नहीं आए। ग्रामीणों को धर्मेंद्र पर गर्व के साथ मलाल भी धर्मेंद्र अपने हर इंटरव्यू में अपना जन्म स्थान नसराली बताते रहे हैं। जब धर्मेंद्र कहते थे कि वो लुधियाना जिले की खन्ना तहसील के नसराली गांव में पैदा हुए तो उन्हें गर्व महसूस होता था। ग्रामीणों का कहना है कि धर्मेंद्र इतने बड़े हीरो बनने के बाद भी नसराली को नहीं भूले। वहीं, ग्रामीणों को इस बात का मलाल भी था कि धर्मेंद्र कभी अपना वह घर देखने तक नहीं आए, जहां वो पैदा हुए थे। पंड़ित विजय कुमार अक्सर धर्मेंद्र से मुलाकात का करते हैं जिक्र रिटायर्ड टीचर जसवंत सिंह ने बताया कि वो शिक्षा विभाग में रहते हुए कई बार चंडीगढ़ जाते थे और पंड़ित विजय कुमार से मिलते थे। यही नहीं वो जब गांव भी आते थे तो धर्मेंद्र से मुलाकात के खूब किस्से सुनाते थे। उन्होंने बताया कि पंड़ित विजय कुमार बताते थे कि धर्मेंद्र उनसे कहते थे कि गांव में न आने की उनके मन में भी टीस है। नसराली के बाद साहनेवाल आ गए थे धर्मेंद्र के पिता नसराली में दो साल तक रहने के बाद धर्मेंद्र के पिता का केवल किशन सिंह देओल का ट्रांसफर साहनेवाल हो गया था। उसके बाद उनका परिवार साहनेवाल में ही रहने लगा था तो लोग उन्हें साहनेवाल का ही समझने लगे थे। स्कूल से भागकर फिल्म देखने गए तो पिता ने खूब पीटा था खन्ना में रहने वाले रविंदरपाल जोशी धर्मेंद्र के साथ पढ़ते थे। रविंदरपाल जोशी ने अपना स्कूल का समय साहनेवाल में धर्मेंद्र के साथ बिताया। दोनों के परिवारों का आपसी रिश्ता भी बेहद घनिष्ठ था। जोशी के पिता फार्मासिस्ट थे और उनका धर्मेंद्र के पिता केवल किशन से बहुत गहरा लगाव था। रविंदर पाल जोशी बताते हैं कि धर्मेंद्र का फिल्मों से बहुत लगाव था। एक बार वो दोनों स्कूल से भागकर लुधियाना में फिल्म देखने चले गए। उन्होंने बताया कि मास्टर जी को किसी ने बता दिया कि वो दोनों फिल्म देखने लुधियाना चले गए हैं। धर्मेंद्र के पिता पीछे से वहीं पहुंच गए और उनको सिनेमा घर में ही पकड़ लिया और खूब पिटाई की। पिता ने गुस्से में घर से बाहर कर दिया था रविंदरपाल जोशी बताते हैं कि धर्मेंद्र के पिता ने गुस्से में उन्हें तुरंत घर से बाहर निकाल दिया था और ट्रंक लेकर धर्मेंद्र उनके घर आए। यह घटना धर्मेंद्र के जीवन का बड़ा मोड़ साबित हुई। इसके बाद धर्मेंद्र नौकरी करने लगे। पिता की सख्ती के बाद भी धर्मेंद्र का फिल्मों के प्रति जुनून कम नहीं हुआ। जुनून ऐसा था कि वो सिनेमा जगत के सुपरस्टार बन गए।
Click here to Read More
Previous Article
धर्मेंद्र की याद में आज होगी प्रेयर मीट:'ही-मैन' के लिए मुंबई में होगा ‘सेलिब्रेशन ऑफ लाइफ’, सोनू निगम एक्टर के गाने गाकर देंगे श्रद्धांजलि
Next Article
कपड़े उधार लेकर ऑडिशन देती थीं:पहली फिल्म से 3000 रुपए मिले, रसिका दुग्गल बोलीं- दिल्ली क्राइम और मिर्जापुर ने ब्लॉकबस्टर जैसा अनुभव दिया

Related बॉलीवुड Updates:

Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

Comments (0)

    Leave a comment