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मोदी-पुतिन की फोर्च्यूनर राइड सोशल मीडिया पर वायरल:जानें रेंज रोवर-मर्सिडीज छोड़ जपानी ब्रांड की सफेद कार में ही क्यों बैठे दोनों लीडर

7 months ago

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर को 23वें भारत-रूस समिट के लिए दो दिन के भारत दौरे पर पहुंचे। उन्हें रिसीव करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर खुद दिल्ली के पालम एयरपोर्ट आए। यहां से दोनों लीडर एक ही कार में बैठकर पीएम आवास पहुंचे। खास बात ये रही कि ये कोई बुलेटप्रूफ कार नहीं, बल्कि वाइट कलर की टोयोटा फॉर्च्यूनर थी। प्रधानमंत्री और रूसी राष्ट्रपति की ये राइड सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जहां फॉर्च्यूनर ओनर्स 'प्राउड मोमेंट' बता रहे हैं। वहीं, एक्सपर्ट्स इसे पश्चिमी देशों के लिए एक डिप्लोमैटिक सिग्नल मान रहे हैं। चलिए जानते हैं सफेद कलर और जापानी ब्रांड की कार का इस्तेमाल ही क्यों किया गया। साथ ही इस कार के बारे में डिटेल में जानेंगे... मोदी-पुतिन ऑफिशियल कार छोड़ टोयोटा फॉर्च्यूनर में एक साथ बैठे आमतौर पर विदेशी मेहमानों के लिए रेंज रोवर या मर्सिडीज जैसी लग्जरी कारें इस्तेमाल होती हैं। वहीं, पुतिन हर विदेशी दौरे पर अपनी बुलेटप्रूफ लिमोजिन कार ऑरस सीनेट का इस्तेमाल करते हैं और पीएम मोदी की ऑफिशियल कारें रेंज रोवर (यूके मेड) और मर्सिडीज-मेबैक S650 गार्ड हैं। दोनों लीडर ने अपनी ऑफिशियल कार को छोड़ टोयोटा फॉर्च्यूनर में एक साथ सफर किया। जबकि, इसके पीछे प्रधानमंत्री की रेंज रोवर और पुतिन की बुलेटप्रूफ लग्जरी कार ऑरस सीनेट भी चल रही थीं। वाइट फॉर्च्यूनर क्यों? अधिकारियों का कहना है कि ऐसी गाड़ियां हाल ही में अपडेट हुए VIP फ्लीट का हिस्सा हैं, जो हाई-प्रोफाइल मूवमेंट्स के लिए सेफ्टी, एमिशन और ऑपरेशनल स्टैंडर्ड्स को पूरा करने के लिए मेंटेन की जाती हैं। सिक्योरिटी एजेंसियां VIP मूवमेंट्स के लिए अक्सर वाइट फॉर्च्यूनर इस्तेमाल करती हैं, क्योंकि ये मॉडल गवर्नमेंट फ्लीट्स में काफी यूज होती हैं। ये कन्वॉय में आसानी से घुल-मिल जाती हैं और हाई स्टेबिलिटी व ग्राउंड क्लीयरेंस देती हैं। यूनिफॉर्म कलर और स्टैंडर्ड लुक की वजह से गाड़ी लो प्रोफाइल रख पाती है, साथ ही सेफ्टी भी सुनिश्चित हो जाती है। सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स में सपोर्टिंग कार भी होती हैं कन्वॉय में आमतौर पर आर्मर्ड व्हीकल्स होते हैं, लेकिन ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी के लिए फॉर्च्यूनर और इनोवा जैसी सपोर्टिंग कारें भी जोड़ी जाती हैं। फॉर्च्यूनर का रेगुलर रजिस्ट्रेशन प्लेट ध्यान खींच गया, क्योंकि VIP मूवमेंट्स में ज्यादातर स्पेशल नंबर प्लेट्स या अनमार्क्ड गाड़ियां इस्तेमाल होती हैं। हालांकि, अफसरों ने ये नहीं बताया कि महाराष्ट्र रजिस्टर्ड फॉर्च्यूनर क्यों यूज हुई, लेकिन सिक्योरिटी एजेंसियां हाई-प्रोफाइल विजिट्स के लिए कई स्टेट्स में फ्लीट रखती हैं। पश्चिमी देशों को मैसेज या प्रैक्टिकल वजह? डिफेंस एनालिस्ट कर्नल रोहित देव ने X पर पोस्ट किया, 'ये वेस्ट को मैसेज है।' बीजेपी स्पोक्सपर्सन शहजाद पूनावाला ने कहा, 'स्मार्ट लोग समझ जाएंगे क्यों।' एक यूजर ने लिखा, 'नो अमेरिकन, नो यूरोपियन, जापानीज कार। सिग्नलिंग शुरू!' ये कदम दिखाता है कि डिप्लोमेसी में सिंबॉलिक स्टेप्स कितने जरूरी होते हैं। सोशल मीडिया पर मीम्स बने, ओनर्स ने प्राउड मोमेंट बताया फोटोज वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कई लोगों ने रिएक्शंस दिए और फोर्च्यूनर ओनर्स ने इसे प्राउड मोमेंट बताया। गुरमीत चड्ढा ने लिखा, "मेरा पंजाबी बाग कजिन ने फोन किया, 'भाई, मोदी ने पुतिन को फोर्च्यूनर में रिसीव किया... स्वाद आ गया।' आज सभी फोर्च्यूनर ओनर्स टोस्ट करेंगे।" रेडिट पर एक यूजर ने लिखा, "ओनली अगर क्रेटा और थार ने एस्कॉर्ट किया होता।" एक ने कहा, "फोर्च्यूनर ओनर हूं, वाइट फोर्च्यूनर देखकर खुशी हुई।" गब्बर ने लिखा, "मोदी x फोर्च्यूनर।" एक यूजर ने लिखा, "ये वेस्ट को मैसेज है- इंडिया को जैसा है वैसा एक्सेप्ट करो, वरना पाकिस्तान के साथ पार्टनरशिप एंजॉय करो।" मीम्स में फोर्च्यूनर को 'डिप्लोमैटिक SUV' बुलाया जा रहा है। टोयोटा फोर्च्यूनर की शुरुआती कीमत ₹33.78 लाख जिस कार में मोदी और पुतिन ने सफर किया, वह टोयोटा फोर्च्यूनर का सिग्मा 4MT वैरिएंट है, जो कर्नाटक के बिदादी प्लांट में बनी है। ये BS6 कंप्लायंट है और 'मेक इन इंडिया' इनिशिएटिव का हिस्सा है। भारत में ये SUV काफी पॉपुलर है, खासकर फैमिली और ऑफ-रोड यूजर्स में। इसकी एक्स-शोरूम कीमत करीब 33.78 लाख रुपए से शुरू होती है, जो टॉप मॉडल्स में 50 लाख तक जाती है।
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