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महिलाओं में कम हुआ ओमेगा-3 का लेवल तो घेर लेती है यह खतरनाक बीमारी, जान लें इससे बचने का तरीका

7 months ago

आज की तेज और बदलती लाइफस्टाइल में सेहत का ध्यान रखना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है, खासकर महिलाओं के लिए, उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. जैसे मेनोपॉज, हार्मोनल असंतुलन, मानसिक तनाव और फिजिकल एक्टिविटी में कमी, इन सबका असर न सिर्फ शरीर पर, बल्कि दिमाग पर भी पड़ता है. ऐसे में ओमेगा-3 फैटी एसिड एक प्रकार का गुड फैट है जो शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है, लेकिन यह शरीर खुद से बहुत कम मात्रा में बना पाता है. इसलिए इसे खाने के जरिए लेना जरूरी होता है.

खासकर महिलाओं के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड काफी जरूरी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरीर में ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी महिलाओं को एक खतरनाक बीमारी घेर लेती है. खासतौर पर महिलाओं में ओमेगा-3 फैटी एसिड कमी ज्यादा देखी गई है और यही कारण है कि वे इस बीमारी की चपेट में जल्दी आ सकती हैं. तो चलिए जानते हैं कि महिलाओं में ओमेगा-3 का लेवल कम हुआ तो कौन सी खतरनाक बीमारी घेर लेती है और इससे बचने का तरीका क्या है. 

महिलाओं में ओमेगा-3 लेवल की कमी कौन सी खतरनाक बीमारी से घेर लेती है

महिलाओं में ओमेगा-3 का लेवल कम होने के कारण अल्जाइमर जैसी खतरनाक बीमारी घेर लेती है. यह एक गंभीर मानसिक रोग है, जिसमें याददाश्त कमजोर हो जाती है, सोचने-समझने की क्षमता कम हो जाती है और व्यवहार में भी बदलाव आ जाते हैं. दिमाग की कोशिकाएं ओमेगा-3 से बनी होती हैं, खासकर DHA उनमें बड़ी मात्रा में पाया जाता है. यह दिमाग की कार्यक्षमता को बनाए रखने में मदद करता है, जैसे याददाश्त, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता, और मानसिक संतुलन. ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव कम करता है, जो अल्जाइमर जैसी बीमारियों के पीछे प्रमुख कारण हैं. इसके अलावा  ओमेगा-3 फैटी एसिड दिमाग में ब्लड फ्लो सुधारता है जिससे कोशिकाओं को जरूरी पोषण और ऑक्सीजन मिलती है. यह न्यूरॉन्स की मौत को रोकता है यानी यह कोशिकाओं की सुरक्षा करता है. 

महिलाएं क्यों हैं ज्यादा जोखिम में?

महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे दिमाग की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है. साथ ही, इस उम्र में फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती हैं, कई महिलाएं डिप्रेशन से भी जूझती हैं और पोषण में कमी भी हो जाती है.ब्रिटेन में हुए एक अध्ययन से पता चला है कि अल्जाइमर से पीड़ित महिलाओं में ओमेगा-3 फैटी एसिड का स्तर बहुत कम पाया गया, जबकि पुरुषों में ऐसा अंतर नहीं दिखा. इसका मतलब यह है कि महिलाओं के दिमाग के लिए खासतौर पर 40 की उम्र के बाद ओमेगा-3 और भी ज्यादा जरूरी है. 

इससे बचने का तरीका क्या है

1. ओमेगा-3 से भरपूर चीजें  खाएं, जैसे मछलियां, अलसी के बीज, चिया सीड्स, अखरोट, सोयाबीन और राजमा. 

2. ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स का सेवन करें. अगर आपकी डाइट में ओमेगा-3 की कमी है तो आप DHA और EPA सप्लीमेंट्स ले सकती हैं. खासकर अगर आप मछली नहीं खाते, तो सप्लीमेंट्स भी अच्छे ऑप्शन हो सकते हैं. 

3. फिजिक्स एक्टिव नेस बनाए रखें. मेनोपॉज के बाद फिजिकल एक्टिविटी घट सकती हैं, लेकिन हल्की-फुल्की एक्सरसाइज, योग, और मेडिटेशन से मेंटल हेल्थ पर पॉजिटिव असर पड़ता है. 

4. स्ट्रेस को कम करने के लिए मेंटल पर ध्यान दें. मेंटल बैलेंस बनाए रखना अल्जाइमर जैसे रोगों से बचने में मददगार है. 

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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