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ईरान-इजरायल युद्ध से ऐसी लगी नजर कि निवेशक हुए कंगाल, 19 लाख करोड़ रुपये का हुआ नुकसान; बाजार में हाहाकार

2 months ago

Investors Loss 19 lakh Crore: भारतीय शेयर बाजार में पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में आई गिरावट के कारण निवेशकों का तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. ईरान-इजरायल के बीच पैदा हुए इस विवाद का लंबा खींचने की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा डगमगाने का काम किया है. आंकड़ों के अनुसार, युद्ध के इस माहौल के बीच बीएसई पर लिस्टेड कंपनी का मार्केट कैप करीब 19 लाख करोड़ रुपये कम हो गया है. 

क्रूड ऑयल को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है. ईरानी सरकार के होर्मुज स्ट्रेट के बंद करने के फैसले का असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिख रहा है. विषय की समझ रखने वाले जानकारों का कहना है कि, कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल सकती है.....

निवेशकों को हुआ तगड़ा नुकसान 

शेयर बाजार में आई तेज गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा है. आंकड़ों के मुताबिक बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 19 लाख करोड़ रुपये घट गया. जिससे निवेशकों को बड़ा वित्तीय झटका लगा है. वैश्विक स्तर पर उत्पन्न हुई इस स्थिति से निवेशकों को तगड़ा नुकसान पहुंचाने का काम किया है.

इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय घरेलू मार्केट से पीएसयू बैंक, टूरिज्म, एयरलाइन स्टॉक, रियल एस्टेट, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में जोरदार गिरावट देखने को मिली है. कच्चे तेल और गैस सप्लाई में हुई रोक से भारतीय कंपनियों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है.

साथ ही अपनी कमाई के लिए मिडिल ईस्ट देशों पर निर्भर रहने वाली कंपनियों के शेयरों भी टमाटर की तरह लाल हो रहे हैं. हालांकि, इस बीच डिफेंस सेक्टर की कुछ कंपनियों के शेयरों में उछाल दर्ज की गई है.  

क्रूड ऑयल महंगा होने से पड़ सकता है व्यापक असर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता देखने को मिल रही है. साथ ही कच्चे तेल की कीमतों के 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने की आशंका जताई जा रही है. ईटी में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, जानकारों का मानना है कि मौजूदा हालात में शेयर बाजार में आई गिरावट को सिर्फ सामान्य करेक्शन नहीं कहा जा सकता. 

बल्कि यह लंबे समय तक चलने वाली कमजोरी की शुरुआत भी हो सकती है. अगर क्रूड ऑयल के दाम तेजी से बढ़ते हैं तो इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ सकता है. जिससे अर्थव्यवस्था के कई अन्य सेक्टर भी प्रभावित होंगे. साथ ही आम लोगों पर महंगाई का खतरा भी बढ़ जाएगा. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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