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    Fatty Liver And Cancer: प्रोसेस्ड फूड-फैटी डाइट से सर्वाइवल मोड में जा सकता है लिवर, जानें कैसे बढ़ता है कैंसर का खतरा?

    2 weeks ago

    Long Term High Fat Diet Effects: साइंटिस्ट ने हालिया रिसर्च में यह चौंकाने वाला खुलासा किया है कि लंबे समय तक ज्यादा फैट वाला खाना न सिर्फ मोटापा बढ़ाता है, बल्कि यह शरीर के भीतर इतना नुकसान करता है, जो आगे चलकर जानलेवा कैंसर की वजह बन सकती है. खासतौर पर लिवर पर इसका असर बेहद खतरनाक बताया गया है. प्रोसेस्ड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में मौजूद  अनहेल्दी फैट लगातार लिवर सेल्स पर दबाव डालता है, जिससे यह अंग धीरे-धीरे अपने सामान्य कामकाज को भूलने लगता है.

    क्या निकला रिसर्च में?

    रिसर्च के मुताबिक, जब लिवर पर लंबे समय तक खराब डाइट का बोझ बना रहता है, तो वह "सर्वाइवल मोड" में चला जाता है. इस स्थिति में लिवर खून साफ करने, पोषक तत्वों को प्रोसेस करने, टॉक्सिन्स बाहर निकालने और जरूरी प्रोटीन-एंजाइम बनाने जैसे अहम कामों को पीछे छोड़ देता है और सिर्फ खुद को जिंदा रखने पर ध्यान देने लगता है. महीनों और वर्षों तक चलने वाला यह तनाव लिवर सेल्स को धीरे-धीरे एक साधारण अवस्था में ले जाता है, जहां वे पूरी क्षमता से काम नहीं कर पातीं.

    इतने साल पहले मिलने लगते हैं संकेत

    शोध में पाया गया कि यह सेलुलर डैमेज लिवर कैंसर के खतरे को ट्यूमर बनने से 10 से 15 साल पहले ही संकेत देने लगता है. साइंटिस्ट ने बताया कि सर्वाइवल मोड वाला यह माहौल कैंसर सेल्स के पनपने के लिए अनुकूल होता है. इस दौरान ट्यूमर को रोकने वाले जीन निष्क्रिय होने लगते हैं और शरीर की वह सफाई प्रणाली भी कमजोर पड़ जाती है, जो खराब या डेड सेल्स को खत्म करती है. इसका नतीजा यह होता है कि सेल्स तेजी से बढ़ने, म्यूटेशन करने और अंत में ट्यूमर बनाने लगती हैं.

    चूहों पर की गई स्टडी

    MIT और हार्वर्ड से जुड़े साइंटिस्ट ने चूहों पर किए गए एक रियल-टाइम स्टडी में देखा कि हाई-फैट डाइट खाने से करीब छह महीने के भीतर ही लिवर सेल्स में कैंसर की तैयारी शुरू हो जाती है. डीएनए के वे हिस्से सक्रिय हो जाते हैं, जो कोशिकाओं की ग्रोथ और सर्वाइवल को कंट्रोल करते हैं. यह एक तरह की खतरनाक "रेडी स्टेट" होती है, जिसमें भविष्य में मामूली जेनेटिक नुकसान भी कैंसर को जन्म दे सकता है.

    क्या कहते हैं साइंटिस्ट?

    साइंटिस्ट के अनुसार, लिवर कैंसर शुरुआती दौर में अक्सर बिना लक्षणों के बढ़ता है. लेकिन जैसे-जैसे बीमारी आगे बढ़ती है, वजन कम होना, भूख न लगना, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द, पीलिया, थकान और पेट में सूजन जैसे लक्षण दिखने लगते हैं. यही वजह है कि फैटी लिवर, हेपेटाइटिस या सिरोसिस जैसे जोखिम वाले लोगों की समय-समय पर जांच बेहद जरूरी है. इस स्टडी को प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल सेल में प्रकाशित किया गया है.

    इसे भी पढ़ें: Vitamin B12: क्या खाली पेट विटामिन B12 लेना सही है? एक्सपर्ट से जानें सप्लीमेंट लेने का सबसे सही समय

    Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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