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एयर प्यूरीफायर खरीदने जा रहे हैं? घर लाने से पहले जरूर जान लें ये 6 जरूरी बातें वरना पैसे हो जाएंगे बर्बाद

6 months ago

Air Purifier: सर्दियां शुरू होते ही देश के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता तेजी से गिरने लगती है. दिल्ली-NCR जैसे इलाकों में तो स्मॉग इतना बढ़ जाता है कि सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है. इस प्रदूषित हवा से बचने के लिए अब एयर प्यूरीफायर घर की जरूरत बन चुका है खासकर उन घरों के लिए जहां छोटे बच्चे या बुजुर्ग रहते हैं. लेकिन सही एयर प्यूरीफायर चुनना आसान नहीं है. गलत मॉडल खरीदने पर न केवल पैसा बर्बाद होता है बल्कि सेहत पर असर भी पड़ सकता है. इसलिए खरीदने से पहले इन ज़रूरी बातों को ध्यान में रखना जरूरी है.

हमेशा चुनें True HEPA Filter वाला प्यूरीफायर

एयर प्यूरीफायर में सबसे अहम हिस्सा होता है उसका HEPA फ़िल्टर. कोशिश करें कि आप H13 या H14 ग्रेड का True HEPA Filter वाला मॉडल लें. यह हवा में मौजूद 99.97% तक हानिकारक कणों जैसे धूल, पराग, धुआं और PM2.5 को फ़िल्टर कर सकता है.

CADR रेटिंग पर जरूर ध्यान दें

Clean Air Delivery Rate (CADR) बताता है कि एयर प्यूरीफायर कितनी तेजी से कमरे की हवा साफ कर सकता है. जितनी ऊंची CADR रेटिंग होगी उतनी जल्दी आपका कमरा प्रदूषण मुक्त होगा. भारत जैसे देशों में, हमेशा ऐसा मॉडल चुनें जिसकी CADR आपके कमरे के आकार के क्यूबिक मीटर प्रति घंटे के बराबर या उससे ज्यादा हो.

कमरे के आकार के अनुसार चुनें प्यूरीफायर

हर एयर प्यूरीफायर का एक कवरेज एरिया होता है यानी वह कितने बड़े कमरे की हवा साफ कर सकता है. अगर आपका कमरा 200 स्क्वायर फीट का है तो कम से कम 250 स्क्वायर फीट कवरेज वाला प्यूरीफायर लेना बेहतर रहेगा. इससे हवा जल्दी और समान रूप से साफ होगी.

फिल्टर बदलने की लागत और समय समझें

एयर प्यूरीफायर का फ़िल्टर हर 6 से 12 महीने में बदलना पड़ता है. कुछ प्रीमियम मॉडल में यह समय और भी ज्यादा हो सकता है. इसलिए खरीदने से पहले फ़िल्टर की कीमत और उपलब्धता जरूर जांच लें. कई विदेशी मॉडल्स के फ़िल्टर महंगे होते हैं या आसानी से नहीं मिलते.

शांत और स्मार्ट ऑपरेशन वाले मॉडल को प्राथमिकता दें

आजकल कई प्यूरीफायर ऐसे आते हैं जिनमें PM2.5 इंडिकेटर, ऑटो मोड, और लो नॉइज़ लेवल जैसे फीचर्स होते हैं. बेडरूम या ऑफिस के लिए ऐसे मॉडल ज्यादा उपयोगी साबित होते हैं. इसके अलावा, वॉइस कंट्रोल और मोबाइल ऐप सपोर्ट वाले प्यूरीफायर भी उपलब्ध हैं जिन्हें आप Alexa या Google Assistant से कंट्रोल कर सकते हैं.

एनर्जी सेविंग और आसान मेंटेनेंस

सिर्फ हवा साफ करना ही नहीं, पावर बचाना भी जरूरी है. इसलिए एनर्जी-एफिशिएंट मॉडल चुनें जो कम बिजली खर्च करे. साथ ही, ऐसे प्यूरीफायर लें जिनके फ़िल्टर आसानी से साफ हो सकें इससे उनकी लाइफ बढ़ती है और परफॉर्मेंस भी बेहतर रहती है.

साफ हवा, सेहतमंद जिंदगी

एयर प्यूरीफायर अब लक्ज़री नहीं बल्कि जरूरत बन चुका है खासकर घनी आबादी वाले शहरों में. एक सही मॉडल चुनकर आप अपने परिवार को प्रदूषित हवा के खतरों से बचा सकते हैं. इससे न केवल बच्चों और बुजुर्गों की सेहत बेहतर होगी, बल्कि आप भी हर सांस के साथ स्वच्छ हवा का एहसास कर पाएंगे.

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