Language Settings
Select Website Language
newshunt
newshunt

Early Warning Signs Of Stroke: इन 5 लक्षणों को गलती से भी न करना इग्नोर, वरना आ जाएगा स्ट्रोक! तुरंत डॉक्टर से करें कंसल्ट

7 months ago

Warning Signs Of Stroke: स्ट्रोक एक गंभीर बीमारी है, जिसको अगर इग्नोर किया जाता है, तो यह काफी भारी पड़ सकती है. क्योंकि स्ट्रोक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जो हर साल दुनियाभर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है. अगर बात करें कि यह खतरनाक क्यों है, तो वह यह है कि यह अचानक होता है. हालांकि बाकी बीमारियों की तरह हमारा शरीर इसके लिए भी पहले से संकेत देना शुरू कर देता है. अगर इन शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है. चलिए आपको बताते हैं कि ये लक्षण और संकेत कौन से हैं.

स्ट्रोक क्या होता है?

हम इसके लक्षण को जानें, उससे पहले यह जानना जरूरी है कि स्ट्रोक क्या होता है. जब दिमाग के किसी हिस्से में ब्लड फ्लो अचानक रुक जाता है या बहुत कम हो जाता है, तो स्ट्रोक होता है. इससे होता यह है कि हमको मेडिकल हेल्प नहीं मिल पाती. WHO और American Stroke Association दोनों मानते हैं कि शुरुआती लक्षणों को पहचानना और तुरंत मेडिकल मदद लेना जान बचाने और अपंगता से बचने का सबसे बड़ा तरीका है.

क्या होते हैं इनके लक्षण?

बाकी बीमारियों की तरह शरीर में इसके भी कुछ लक्षण दिखाई देने शुरू होते हैं. ये भले ही अचानक आते हों, लेकिन इनके आने से पहले कुछ इस तरह के संकेत देखने को मिलते हैं. जैसे कि अचानक और तेज सिरदर्द, जो पहले कभी न हुआ हो, धुंधला या डबल विजन, चेहरे, हाथ या पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन, खासकर शरीर के एक हिस्से में, बोलने में दिक्कत या शब्द क्लियर न होना, अचानक संतुलन बिगड़ना या चलने में परेशानी, चेहरे के एक हिस्से का लटक जाना और अचानक कन्फ्यूजन, याददाश्त में कमी या सही शब्द न मिलना. अगर आपको इस तरह के लक्षण दिखाई दें, तो आपको सावधान होने की जरूरत है.

आपको बता दें कि इस तरह के चेतावनी के पीछे सबएरैक्नॉइड हैमरेज भी हो सकता है, जो अक्सर फटे हुए ब्रेन एन्यूरिज्म की वजह से होता है. इसमें होता यह है कि एन्यूरिज्म धमनियों की कमजोर दीवार पर बनने वाली गुब्बारे जैसी सूजन होती है, जो फटने पर दिमाग में खून बहने का कारण बनती है. इसके फटने के कई लक्षण होते हैं, जैसे कि गर्दन में अकड़न, अचानक तेज सिरदर्द और आंख की मूवमेंट में दिक्कत, खासकर तीसरी क्रेनियल नर्व पर दबाव पड़ने से. इनको कभी भी इग्नोर नहीं करना चाहिए.

इसे भी पढ़ें: याददाश्त चली जाएगी और हार्मोंस भी होंगे डिसबैलेंस, अगर तुरंत नहीं बदल ली यह खराब आदत

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Click here to Read More
Previous Article
Kharna Prasad: छठ में खरना के प्रसाद का क्या है धार्मिक महत्व, जानें उसे बनाने की पूरी विधि
Next Article
Dhanteras 2025: दिवाली के पहले धनतेरस क्यों, जानें पौराणिक महत्व को

Related जीवन शैली Updates:

Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

Comments (0)

    Leave a comment