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चीन का पहला रीयूजेबल रॉकेट लॉन्च फेल:ऑर्बिट तक पहुंचा, लेकिन बूस्टर पृथ्वी पर लौटते समय फटा; केवल अमेरिका के पास ये टेक्नोलॉजी

7 months ago

चीन की लीडिंग प्राइवेट स्पेस कंपनी लैंडस्पेस ने 3 दिसंबर को अपना पहला रीयूजेबल रॉकेट ZQ-3 Y1 लॉन्च किया। रॉकेट ने सफलतापूर्वक ऑर्बिट हासिल की, लेकिन फर्स्ट स्टेज बूस्टर की लैंडिंग के दौरान खराबी आ गई। यह रिकवरी साइट के ऊपर फट गया। यह चीन का पहला ऐसा प्रयास था जहां रीयूजेबल रॉकेट को ऑर्बिट में भेजा गया। अमेरिका अब भी इकलौता देश है, जिसका ऑर्बिटल क्लास बूस्टर धरती पर सफलतापूर्वक लौटा है। इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए सबसे पहले ऐसा किया था। इसके अलावा, जेफ बोजेस की कंपनी ब्लू ओरिजिन ऐसा कर चुकी है। पिछले महीने न्यू ग्लेन रॉकेट अपने दूसरे मिशन में बूस्टर को रिकवर करने और रीयूज करने में कामयाब रहा था। मिशन की 3 तस्वीरें... मिशन का मकसद: रीयूजेबल टेक्नोलॉजी को टेस्ट करना इस मिशन का मकसद रॉकेट को लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) तक ले जाना और फर्स्ट स्टेज को वापस पृथ्वी पर लैंड करना था। हालांकि, आग लगने के कारण वो इसमें कामयब नहीं हो सका। टेस्ट कैसे रहा: लॉन्च स्मूथ हुआ लेकिन रिटर्न के दौरान फटा मिथेन-पवार्ड इंजन से चलता है रॉकेट छोटी-मोटी टेक्निकल प्रॉब्लम ने रॉकेट फेल हुआ एक्सपर्ट्स का कहना है कि छोटी-मोटी टेक्निकल प्रॉब्लम ने रॉकेट को फेल कर दिया। इस प्रॉब्लम को ठीक करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। कंपनी के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा, ये पहला टेस्ट था, डेटा से हम अगली फ्लाइट्स को और मजबूत बनाएंगे। यह टेस्ट चीन की कॉमर्शियल स्पेस सेक्टर का हिस्टोरिक मोमेंट था, क्योंकि यह पहली बार किसी चाइनीज प्राइवेट फर्म ने ऑर्बिटल टेस्ट के साथ फर्स्ट स्टेज रिकवरी ट्रायल किया। अभी तक चीन के पास सिंगल-यूज रॉकेट्स हैं, लेकिन रीयूजेबल से कॉस्ट 30-50% कम हो सकती है। 2015 में झांग चांगवू ने बनाई थी लैंडस्पेस लैंडस्पेस बीजिंग बेस्ड प्राइवेट स्पेस फर्म है, जिसकी स्थापना 2015 में हुई था। इसके फाउंडर और CEO झांग चांगवू का फोकस रीयूजेबल रॉकेट टेक्नोलॉजी पर है। 2023 में लैंडस्पेस ने ZQ-2 के साथ दुनिया का पहला मिथेन-LOX रॉकेट ऑर्बिटल लॉन्च किया था। फ्यूचर प्लान्स: स्पेस स्टेशन सप्लाई से मून मिशन्स तक लैंडस्पेस 2026 से चीन के तियांगोंग स्पेस स्टेशन के लिए स्पेसक्राफ्ट लॉन्च मिशन्स करेगी। कंपनी रीयूजेबल टेक्नोलॉजी को वेरिफाई और अप्लाई करने पर काम जारी रखेगी। रीयूजेबल टेक से चीन सैटेलाइट कांस्टेलेशन, मून मिशन्स और स्पेस टूरिज्म पर फोकस करेगा।
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