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बिक गई चेनानी नाशरी टनलवे, जम्मू-कश्मीर में देश की सबसे बड़ी रोड टनल को ऑपरेट करती थी कंपनी

7 months ago

Chenani-Nashri Tunnel: IL&FS ग्रुप ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी चेनानी नाशरी टनलवे लिमिटेड (CNTL) को आखिरकार बेच ही दिया. इसे 6,145 करोड़ रुपये में Cube Highways & Infrastructure II Pte Ltd ने खरीद लिया. इस डीस से मिले पैसों का इस्तेमाल बैंकों से लिए गए कर्ज को चुकाने में करेगी.

कंपनी पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, ड्यूश बैंक, इंडियन बैंक, जम्मू एंड कश्मीर बैंक और यूको बैंक का कर्ज है इसलिए डील से मिली रकम में से 5,454 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने में चले जाएंगे. इस डील से लेंडर्स को एक्सपोजर और सीनियरिटी के आधार पर 98 परसेंट से 124 परसेंट तक की रिकवरी मिलेगी. सेटलमेंट आने वाले दिनों में पूरी होने की उम्मीद है.

61,000 करोड़ का कर्ज चुकाना टारगेट

IL&FS ने कहा कि 5,454 करोड़ रुपये चुकाने के बाद उस पर टोटल 48,000 करोड़ से ज्यादा का कर्ज रह जाएगा, जबकि मार्च 2025 में यह 45,000 करोड़ से ज्यादा बताया गया था। IL&FS का कुल कर्ज चुकाने का टारगेट 61,000 करोड़ बना हुआ है. चेनानी नाशरी टनलवे लिमिटेड को बेचने के लिए IL&FS को कई मंजूरियां लेनी पड़ी. इनमें क्रेडिटर्स की कमेटी, जस्टिस (रिटायर्ड) डीके जैन, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल, नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया और संबंधित कंपनी बोर्ड शामिल रहीं. 

क्या करती है कंपनी? 

CNTL डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड टनल (चेनानी-नाशरी टनल) को ऑपरेट करती है, जो भारत की सबसे लंबी ऑपरेशनल रोड टनल है. यह प्रोजेक्ट नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ एन्युइटी-बेस्ड कंसेशन के तहत जम्मू और श्रीनगर के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी देता है, जो मार्च 2032 तक चलेगा.

चेनानी नाशरी टनलवे की कुछ खास बातें

  • 3,720 करोड़ रुपये में बनी इस टनल से जम्मू और श्रीनगर के बीच की दूरी 41 km से घटकर 9.2 km रह गई है. 
  • इस प्रोजेक्ट को बनाने में 1,500 इंजीनियर, जियोलॉजिस्ट, स्किल्ड वर्कर और मजदूरों ने साथ मिलकर काम किया था. 
  • टनल को आकर्षक दिखाने के लिए इसमें 6,000 LED मल्टीपल कलर लाइट का इस्तेमाल किया गया है. 
  • टनल में हर 75 मीटर पर एक CCTV लगा हुआ है. 
  • 50km/hr की स्पीड लिमिट से टनल को खत्म करने में 12-15 मिनटका वक्त लगता है. 
  • इसमें दो ट्यूब और 29 क्रॉस-पैसेज हैं, जिसमें इमरजेंसी सिचुएशन के लिए भी एक खास लेन है. 
  • हर 12 मीटर पर एयर क्वालिटी मॉनिटर कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड पर नजर रखते हैं. 
  • ऑटोमेटेड इंटीग्रेटेड ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम के जरिए चौबीसों घंटे ट्रैफिक पर नजर रखा जाता है. 

 

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