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वॉट्सएप-फेसबुक-इंस्टाग्राम के प्लस वर्जन आएंगे, इसके पैसे लगेंगे:24 घंटे के बाद भी नहीं हटेगी स्टोरी, पसंदीदा लोगों की अलग-अलग लिस्ट बना पाएंगे

4 months ago

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सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सएप के लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान पेश किए हैं। इसके तहत एप्स के ‘प्लस’ वर्जन रोल आउट किए जा रहे हैं। इस प्लान को लेने वाले यूजर्स को स्पेशल टूल्स और कस्टमाइजेशन के विकल्प मिलेंगे। यह कदम मेटा की विज्ञापन के अलावा कमाई का नया जरिया बनाने की रणनीति का हिस्सा है। नए प्लस प्लान कंपनी के मौजूदा 'मेटा वेरिफाइड' प्लान की जगह नहीं लेंगे। मेटा ने अभी इन नए 'प्लस' सब्सक्रिप्शन प्लान्स को वैश्विक स्तर पर रोलआउट करने की घोषणा की है, लेकिन कंपनी ने भारत में इसकी लॉन्चिंग की तारीख का ऐलान नहीं किया है। चूंकि, भारत मेटा के लिए दुनिया का सबसे बड़ा यूजर बेस वाला मार्केट है, इसलिए कंपनी आमतौर पर यहां किसी भी बड़े फीचर को फेज्ड मैनर रोलआउट करती है। इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस में क्या मिलेगा खास? इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस मुख्य रूप से सोशल एक्सप्रेशन और क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें यूजर्स को यह देखने की सुविधा मिलेगी कि कुल कितने लोगों ने उनकी स्टोरी को दोबारा देखा है। इनके अलावा ये 5 फायदे भी मिलेंगे… वॉट्सएप प्लस में क्या होगा खास? यह पूरी तरह से पर्सनलाइजेशन और मैसेजिंग पर केंद्रित है। इसमें यूजर्स को एप थीम्स, कस्टम रिंगटोन्स, एडिशनल पिंड चैट्स, लिस्ट कस्टमाइजेशन और प्रीमियम स्टिकर्स जैसे फीचर्स मिलेंगे। मेटा एआई यूजर्स के लिए भी दो प्लान टेस्ट किए जा रहे दोनों में फीचर्स समान हैं, लेकिन प्रीमियम प्लान मुश्किल कामों के लिए डीपर रीजनिंग और हाई कंप्यूट क्वेरीज की क्षमता अनलॉक करेगा। इससे मेटा एप्स पर बेहतरीन वीडियो और इमेज-जनरेशन की सुविधा मिलेगी। सामान्य यूजर्स के लिए मेटा एआई मुफ्त रहेगा। क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए महंगे एडवांस प्लान क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए इसी हफ्ते दो प्लान टेस्ट किए जाएंगे: यह प्लान कंपनियों को अपनी वेबसाइट या शॉप पर ट्रैफिक बढ़ाने में मदद करेगा। इसमें डीपर कॉम्पिटिटिव इनसाइट्स जैसे एनालिटिक्स टूल्स, ऑप्टिमाइज्ड शेड्यूलिंग टूल्स, बिना पासवर्ड शेयर किए दूसरे मॉडरेटर्स को एक्सेस देने की सुविधा मिलेगी। साथ ही, अगर कोई दूसरा यूजर उनका कंटेंट दोबारा इस्तेमाल करता है, तो नोटिफिकेशन मिलेगा ताकि वे ओरिजिनल रील का क्रेडिट लेबल मांग सकें। क्यों बदल रहा है सोशल मीडिया का बिजनेस मॉडल? सालों तक फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सएप पूरी तरह मुफ्त रहे क्योंकि कंपनियां यूजर्स के डेटा और विज्ञापनों) से अरबों कमाती थीं। लेकिन अब पूरी दुनिया में इन एप्स के यूजर्स की संख्या चरम पर पहुंच चुकी है, यानी नए यूजर्स मिलने की रफ्तार धीमी हो गई है। साथ ही प्राइवेसी नियमों के कड़े होने से विज्ञापन से होने वाली कमाई पर असर पड़ा है। यही वजह है कि मेटा, इलॉन मस्क के एक्स की तरह अब सीधे यूजर्स से पैसे लेकर अपनी कमाई का जरिया सुरक्षित कर रही है।
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