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‘द केरल स्टोरी 2' टीम का बड़ा दावा:30 पीड़ितों को मीडिया के सामने पेश किया, प्रोड्यूसर बोले- जबरन धर्मांतरण की सच्चाई देश को जाननी चाहिए

5 months ago

फिल्म ‘द केरल स्टोरी-2: गोस बियॉन्डट को लेकर सोमवार को राजधानी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ़्रेंस हुई। फिल्म निर्माता विपुल अमृतलाल शाह और निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने मीडिया से मुखातिब होते हुए फिल्म के विषय और उसके पीछे की कथित वास्तविक घटनाओं की वजह से उठा विवाद दोनों पर विस्तार से बात की। 33 पीड़ितों की मौजूदगी प्रेस कॉंफ्रेंस मेंनिर्माता विपुल शाह ने 30 से अधिक लोगों को पेश किया जिन्हें उन्होंने जबरन धर्मांतरण का वास्तविक शिकार बताया। शाह के अनुसार ये पीड़ित देश के विभिन्न भागों, जैसे बंगाल, बिहार, भिलवाड़ा, गंगापूर, राजकोट, मेयर, मुंबई, भोपाल, झारखंड, दिल्ली-एनसीआर सहित कई जिलों से आए थे। इन लोगों ने मीडिया के सामने अपनी व्यक्तिगत दर्दनाक कहानियाँ सुनाईं। पीड़ितों की आपबीती झारखंड की नेशनल शूटर तारा शाहदेव समेत कई महिलाओं ने मंच पर आकर अपनी कहानी साझा की। तारा ने बताया कि कैसे एक व्यक्ति ने उसे झांसे में लेकर शादी का झांसा दिया और बाद में सत्य सामने आने पर उसने पुलिस का सामना कर कई कानूनी जद्दोजहदें झेली। उनकी बातों से साफ हुआ कि वह खुद को मजबूर, धोखे में और अकेला महसूस कर चुकी हैं। निर्माता विपुल शाह ने क्या कहा? विपुल शाह ने कहा कि जबसे पहली फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ सामने आई थी, लोग लगातार यह कहते रहे कि लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण भारत में नहीं हो रहे। शाह ने जोर देकर कहा कि यही दुनिया के सामने दिखाना उनकी अगली फिल्म का उद्देश्य है। उन्होंने कहा, “हमने इन पीड़ितों को अपने साथ लाया ताकि वे खुद अपनी ज़बानी उस दर्द को दुनिया से साझा कर सकें।” निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह का बयान निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने बताया कि ऐसी जरूरतमंद महिलाएं हैं जिन्होंने महसूस किया कि वे बेबस हैं। उन्होंने आगे कहा कि फिल्म इसी तरह के उन अनुभवों पर आधारित है, जिन्हें आज भी भारत में महिलाएं झेल रही हैं। विवाद की पृष्ठभूमि ‘द केरल स्टोरी-2’ रिलीज से पहले से ही विवादों की भेंट चढ़ चुकी है। ट्रेलर में एक सीन में एक महिला को जबरन गोमांस खिलाए जाने वाले दृश्य को लेकर विवाद छिड़ा है। इसे लेकर फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने फिल्म को प्रोपेगैंडा बताया है और कहा कि यह समाज में विभाजन को बढ़ावा देती है। इसके अलावा, फिल्म का रिव्यू और सेंसर बोर्ड के निर्णय पर अदालत में याचिका भी दायर है, जिसमें लोग फिल्म के प्रमोशनल कंटेंट पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि फिल्म में दर्शाया गया कथानक समाज में अलग-अलग समुदायों के बीच गलतफहमियां बढ़ा सकता है। दिल्ली में हुई प्रेस कॉंफ्रेंस ने टद केरल स्टोरी-2ट को फिर से राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। जहां फिल्म के निर्माता इसे वास्तविक पीड़ित कहानियों के जरिये सामाजिक समस्या पर प्रकाश डालने वाला प्रोजेक्ट बताते हैं, वहीं विरोधी इसे कट्टर-साम्प्रदायिक प्रोपेगैंडा और विभाजनकारी बताया करते हैं। विवाद जारी है, और फिल्म 27 फरवरी 2026 को बड़े पर्दे पर रिलीज होने को तैयार है।
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