Language Settings
Select Website Language
newshunt
newshunt

रोबोट को भी अब दर्द महसूस होगा:चीन के वैज्ञानिकों ने बनाई इंसानों जैसी ई-स्किन, चोट लगने पर तुरंत हाथ हटाएगा

5 months ago

चीन में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी 'इलेक्ट्रॉनिक स्किन' तैयार की है, जो रोबोट को न सिर्फ छूने का एहसास कराएगी, बल्कि उसे दर्द भी महसूस होगा। हॉन्गकॉन्ग की सिटी यूनिवर्सिटी के इंजीनियर युयु गाओ की लीडरशिप में तैयार यह स्किन 'न्यूरोमॉर्फिक' तकनीक पर बेस्ड है, जो बिल्कुल इंसानों के नर्वस सिस्टम की तरह काम करती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर रोबोट को कोई नुकीली या गर्म चीज छुएगी, तो वह इंसान की तरह ही 'रिफ्लेक्स एक्शन' दिखाएगा और तुरंत अपना हाथ पीछे खींच लेगा। इससे रोबोट और उसके संपर्क में आने वाले इंसानों, दोनों की सुरक्षा बढ़ेगी। चार परतों से बनी है स्किन, सिग्नल से पहचानती है दबाव यह आर्टिफिशियल स्किन 4 एक्टिव लेयर से बनी है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब कोई इस स्किन को छूता है, तो यह उस स्पर्श को इलेक्ट्रिकल सिग्नल में बदल देती है। ये सिग्नल ठीक वैसे ही होते हैं, जैसे हमारी नसें दिमाग को सिग्नल भेजती हैं। अगर दबाव हल्का है, तो रोबोट उसे सामान्य स्पर्श मानेगा और अपना काम जारी रखेगा, लेकिन जैसे ही दबाव एक तय लिमिट से ज्यादा होगा, रोबोट इसे 'दर्द' के रूप में पहचानेगा और फौरन प्रतिक्रिया करेगा। रिफ्लेक्स सिस्टम: बिना दिमाग की परमिशन के लेगा फैसला इस तकनीक की सबसे खास बात इसका 'रिफ्लेक्स सिस्टम' है। आम तौर पर रोबोट का हर एक्शन उसके सेंट्रल प्रोसेसर (दिमाग) से होकर गुजरता है, जिसमें समय लगता है, लेकिन इस ई-स्किन में एक सीधा रास्ता बनाया गया है। जैसे ही तेज दर्द या हानिकारक चोट महसूस होती है, सिग्नल सीधे रोबोट के मोटर्स को हाई-वोल्टेज पल्स भेजता है। इससे रोबोट का अंग बिना 'दिमाग' के निर्देश का इंतजार किए तुरंत पीछे हट जाता है। यह ठीक वैसा ही है जैसे जलती हुई मोमबत्ती पर हाथ पड़ते ही हमारा हाथ अपने आप पीछे खिंच जाता है। मैग्नेटिक मॉड्यूल: खराब होने पर सेकेंड्स में बदली जाएगी खाल वैज्ञानिकों ने इसे सिर्फ सेंसिटिव (संवेदनशील) ही नहीं, बल्कि टिकाऊ भी बनाया है। यह स्किन छोटे-छोटे मैग्नेटिक मॉड्यूल्स से बनी है, जो बिल्डिंग ब्लॉक्स की तरह आपस में जुड़े होते हैं। इंसानों और रोबोट के बीच बढ़ेगी आत्मीयता रिसर्चर्स का कहना है कि दर्द महसूस होने से रोबोट अब ज्यादा 'इंसानी' व्यवहार करेंगे, जिससे इंसानों के साथ उनका तालमेल और जुड़ाव पहले से बेहतर होगा। जब रोबोट दर्द और स्पर्श को समझ सकेंगे, तो वे इंसानों के साथ ज्यादा संवेदनशीलता से बातचीत और काम कर पाएंगे। यह तकनीक विशेष रूप से उन रोबोट्स के लिए गेम चेंजर साबित होगी जो घरों में बुजुर्गों की देखभाल या अस्पतालों में मरीजों की मदद के लिए तैनात किए जाते हैं।
Click here to Read More
Previous Article
आधार लिंक नहीं तो आज से IRCTC बुकिंग और सख्त:8AM-4PM रिजर्वेशन नहीं होगा, बुकिंग खुलने के पहले दिन के लिए ही यह नियम
Next Article
भारत में बनेगी यामाहा की नई स्पोर्ट्स बाइक R2:फेस्टिव सीजन में लॉन्च होगी; KTM RC 200 और करिज्मा XMR से मुकाबला

Related प्रौद्योगिकी Updates:

Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

Comments (0)

    Leave a comment