Language Settings
Select Website Language
newshunt
newshunt

प्रिया कपूर की वसीयत पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जताया शक:करिश्मा कपूर के बच्चों के वकील बोले- 7500 करोड़ मिलने के बाद भी क्यों बनाई वसीयत

2 months ago

दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति को लेकर विवाद में नया मोड़ आया है। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा वसीयत पर “सस्पिशियस सर्कम्स्टांसेज” यानी संदिग्ध परिस्थितियों की टिप्पणी के बाद वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने प्रिया कपूर के दावों पर तीखा हमला बोला है। अंग्रेजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में महेश जेठमलानी ने कहा, “झूठी वसीयत बनाने की कोई जरूरत ही नहीं थी। जब कोई जरूरत से ज्यादा लालची हो जाता है, तब ऐसे खतरे सामने आते हैं।” जेठमलानी, संजय कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान कपूर की ओर से पैरवी कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रिया कपूर और उनके नाबालिग बेटे को ट्रस्ट स्ट्रक्चर के तहत करीब 7500 करोड़ रुपए का अधिकार पहले ही मिल चुका था। ऐसे में विवादित वसीयत के जरिए अतिरिक्त दावा करना “अनावश्यक और जोखिम भरा कदम” था। 30 हजार करोड़ नहीं, करीब 12 हजार करोड़ की संपत्ति महेश जेठमलानी ने संपत्ति की कुल वैल्यू पर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि मीडिया में 30 हजार करोड़ रुपए की चर्चा गलत है। उनके मुताबिक, कुल एस्टेट लगभग 12 हजार करोड़ रुपए का है, जिसमें करीब 10 हजार करोड़ ट्रस्ट एसेट्स और लगभग 2 हजार करोड़ वसीयत से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इतनी छोटी हिस्सेदारी के लिए मामले को विवादित बनाना समझ से परे है। अगर फर्जी साबित हुई वसीयत तो सबकुछ जा सकता है जेठमलानी ने कहा कि अगर अदालत में वसीयत फर्जी साबित होती है, तो इसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। ट्रस्ट डीड के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति पर फर्जीवाड़े जैसे “मोरल टरपिट्यूड” वाले अपराध का दोष साबित होता है, तो वह ट्रस्टी बनने के योग्य नहीं रहता। उसे ट्रस्ट का लाभार्थी बनने का अधिकार भी खोना पड़ सकता है। उन्होंने इसे “बहुत बड़ा जुआ” बताया। प्रिया कपूर को ट्रस्टी पद से हटाए जाने का दावा महेश जेठमलानी ने दावा किया कि स्थायी ट्रस्टी रानी कपूर पहले ही प्रिया कपूर को ट्रस्टी पद से हटा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि उनके क्लाइंट ट्रस्ट की वैधता को चुनौती नहीं दे रहे, लेकिन प्रिया कपूर के व्यवहार और ट्रस्ट संचालन के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं। बच्चों को जानकारी नहीं देने का आरोप जेठमलानी ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट प्रशासन में पारदर्शिता की कमी रही है। उन्होंने कहा कि समायरा और कियान को ट्रस्ट से जुड़ी जरूरी जानकारी देने में टालमटोल की गई। उनके मुताबिक, आगामी कानूनी दस्तावेजों में इन मुद्दों को विस्तार से रखा जाएगा। दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही जता चुका है शक पूरा विवाद उस समय और गंभीर हो गया, जब दिल्ली हाई कोर्ट ने वसीयत को लेकर संदिग्ध परिस्थितियों का जिक्र करते हुए एस्टेट को सुरक्षित रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने फिलहाल संपत्ति से जुड़े बड़े लेनदेन या बदलाव पर रोक लगाई हुई है।
Click here to Read More
Previous Article
सलमान के घर फायरिंग केस;बॉडीगार्ड बोले-एक्टर को मारना चाहते थे:2024 में बाइक सवार आरोपियों ने गैलेक्सी अपार्टमेंट पर गोलियां चलाई थीं
Next Article
प्रसून जोशी बने प्रसार भारती के नए अध्यक्ष:केंद्र सरकार ने की नियुक्ति, रचनात्मक दुनिया के दिग्गज को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Related बॉलीवुड Updates:

Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

Comments (0)

    Leave a comment