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नियमों की अनदेखी पर एक्शन में सेबी, 68 इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स के रजिस्ट्रेशन रद्द

6 months ago

SEBI Actions on Investment Advisors: पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने नवीनीकरण शुल्क का भुगतान नहीं करने पर गुरुवार को 68 निवेश सलाहकारों का पंजीकरण रद्द कर दिया. सेबी की नामित प्राधिकारी सोमा मजूमदार द्वारा जारी आदेश में कहा गया, “मध्यस्थ विनियम, 2008 के तहत नोटिस संख्या 1 से 68 तक के निवेश सलाहकारों के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द किए जाते हैं.”

सेबी का सख्त कदम

जिन संस्थाओं का पंजीकरण रद्द किया गया है, उनमें ट्रू नॉर्थ लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, इक्विटी मंत्रा, सौरभ मुंद्रा, शीतल अग्रवाल, अतीत हेमंत वाघ, गेटबासिस सिक्योरिटीज एंड टेक्नोलॉजीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ल्यूसिड टेक्नोलॉजीज और एवेन्यू वेंचर पार्टनर्स इन्वेस्टमेंट एडवाइजर एलएलपी जैसी कंपनियाँ और व्यक्तिगत सलाहकार शामिल हैं.

सेबी के निवेश सलाहकार (IA) विनियमों के अनुसार, प्रत्येक पंजीकृत निवेश सलाहकार को पंजीकरण की मंजूरी की तारीख से हर पाँच वर्ष में नवीनीकरण शुल्क जमा करना अनिवार्य है.

शो-कॉज नोटिस के बाद कार्रवाई

नियामक ने बताया कि इन संस्थाओं को बार-बार समयसीमा समाप्त होने की जानकारी देने के बावजूद उन्होंने शुल्क का भुगतान नहीं किया. फरवरी से जून के बीच सेबी ने इन्हें कई शो-कॉज नोटिस जारी किए थे. चूँकि इनका प्रमाणपत्र पहले ही समाप्त हो चुका था, इसलिए सेबी ने पंजीकरण रद्द करने को आवश्यक कदम बताया, ताकि पंजीकरण का गलत उपयोग करके निवेशकों को गुमराह करने की स्थिति न बने. मजूमदार ने आदेश में कहा कि नोटिसधारकों के प्रमाणपत्र पहले ही निष्क्रिय हो चुके हैं, इसलिए मध्यस्थ विनियम, 2008 के तहत इनके पंजीकरण रद्द किए जाते हैं.

दूसरी तरफ सेबी ने निवेश सलाहकारों (IA) और शोध विश्लेषकों (RA) के लिए शैक्षिक योग्यता मानदंडों में राहत दी है. अब किसी भी विषय में स्नातक करने वाले व्यक्ति इन दोनों श्रेणियों में पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे. हालांकि, डोमेन ज्ञान और पेशेवर क्षमता बनाए रखने के लिए नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (NISM) की प्रमाणन परीक्षा पास करना अनिवार्य रहेगा.

अभी तक पंजीकरण के लिए आवेदकों के पास वित्त, व्यवसाय प्रबंधन, वाणिज्य, अर्थशास्त्र या पूंजी बाजार जैसे वित्त-संबंधित क्षेत्रों में स्नातक/स्नातकोत्तर डिग्री होना आवश्यक था. नई व्यवस्था के अनुसार अब कानून, इंजीनियरिंग या किसी भी अन्य विषय से स्नातक उम्मीदवार भी निवेश सलाहकार और शोध विश्लेषक बनने के लिए पात्र होंगे.

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