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Male Urinary Habits: पेशाब बैठकर करना सही या खड़े होकर, पुरुषों के लिए क्या है सही तरीका?

7 months ago

Men Sit Or Stand To Pee: अगर आप साफ-सफाई को लेकर थोड़े चुस्त रहते हैं, तो आपने कभी न कभी अपने पार्टनर से ये जरूर कहा होगा कि सीट गंदी न हो इसलिए बैठकर ही पेशाब करें. लेकिन कुछ ऐसे कारण भी सामने आए हैं, जो सच में पुरुषों की ये आदत बदल सकते हैं. आमतौर पर खड़े होकर पेशाब करना पुरुषों के लिए बिल्कुल सामान्य बात है. उनका शरीर भी इसी हिसाब से बना है. लेकिन हाल के कुछ रिसर्च ये बताते हैं कि कई पुरुषों के लिए बैठकर पेशाब करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है.

पेशाब खड़े होकर या बैठकर करना, कौन सा सही?

दुनिया के करीब 7,000 पुरुषों से एक साधारण सवाल पूछा गया, आप खड़े होकर पेशाब करते हैं या बैठकर? इस सर्वे के बाद सोशल मीडिया पर इतनी चर्चा हुई कि एक यूरोलॉजिस्ट ने तक सलाह दे दी कि उम्र बढ़ने पर पुरुषों को बैठकर पेशाब करने पर विचार करना चाहिए. जर्मनी में 40 प्रतिशत पुरुष हर बार बैठकर पेशाब करते हैं. ऑस्ट्रेलिया में चौथाई पुरुष ऐसा कहते हैं, जबकि अमेरिका में सिर्फ 10 प्रतिश पुरुष इस आदत को अपनाए हुए हैं. कुछ देशों में खड़े होकर पेशाब करना सही और बैठकर करना कमजोरों वाली आदत समझा जाता है. जर्मन में Sitzpinkler शब्द उन्हीं लोगों के लिए इस्तेमाल होता है और कई बार ताना मारने के लिए भी बोला जाता है.

हालांकि, अब आदतें बदल रही हैं. ऑस्ट्रेलिया में युवा पुरुषों में बैठकर पेशाब करने की आदत तेजी से बढ़ रही है. वहां 36 प्रतिशत युवा ये तरीका अपनाते हैं, जबकि उम्रदराज पुरुषों में ये आंकड़ा सिर्फ 20 प्रतिशत है.

सही तरीका क्या है?

अगर पुरुष स्वस्थ हैं, तो दोनों तरीकों में ज्यादा फर्क नहीं पड़ता. रिसर्च में पाया गया है कि बैठकर या खड़े होकर पेशाब करने से पेशाब का वक्त, फ्लो या ब्लैडर खाली होने की क्षमता तीनों में कोई खास अंतर नहीं होता. यानि, चाहे बैठकर करें या खड़े होकर ये आपकी पसंद है. बस खड़े होकर करते हैं तो सीट साफ रहे, इसका ध्यान रखें.

कब फर्क पड़ता है?

जिन पुरुषों को पेशाब से जुड़ी दिक्कतें होती हैं, जैसे बहुत हल्की धार, रुक-रुककर पेशाब आना या ये महसूस होना कि ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हुआ. उनके लिए पोस्टर यानी बैठना या खड़ा होना मायने रख सकता है. कुछ पुरुषों को बैठने से फ्लो बेहतर होता है, तो कुछ को खड़े होने में ज्यादा आराम मिलता है. जिन लोगों को बढ़ी हुई प्रोस्टेट की समस्या होती है, उनमें कई बार खड़े होकर पेशाब करने से ब्लैडर बेहतर तरीके से खाली होता है. लेकिन ये हर किसी पर लागू नहीं होता, इसलिए डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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