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लीवर की बीमारियों से मिली निजात! पतंजलि का दावा- योग-आयुर्वेद से कई लोगों को मिली नई जिंदगी

7 months ago

पतंजलि का दावा है कि उसका वेलनेस प्रोग्राम गंभीर और पुरानी लीवर की बीमारियों, जैसे फैटी लीवर और लीवर सिरोसिस से पीड़ित कई मरीजों के लिए एक आशा की किरण बनकर उभरा है. पतंजलि का कहना है कि वेलनेस सेंटर आए कई मरीजों ने कई जगहों पर इलाज से निराशा मिलने के बाद आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा का सहारा लिया और चमत्कारी लाभ प्राप्त किया है.

लीवर सिरोसिस के जटिल मामलों में मिली सफलता- पतंजलि

लीवर सिरोसिस, जिसे दुनिया भर में एक जटिल और लाइलाज बीमारी माना जाता है, के मरीजों ने पतंजलि वेलनेस में महत्वपूर्ण सुधार का अनुभव किया है. पतंजलि का दावा है कि पश्चिम बंगाल की निशा सिंह नाम की महिला ने बताया कि उन्हें 15-16 सालों से लीवर सिरोसिस की समस्या थी और डॉक्टरों ने लीवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी. लेकिन, पतंजलि में मात्र 10 दिनों के उपचार से उनकी 15 साल पुरानी बीमारी ठीक हो गई और वह पूरी तरह संतुष्ट हैं.

आयुर्वेदिक दवाइयों और योग से सामान्य हुआ वायरल लोड- पतंजलि

पतंजलि ने आगे बताया, ''महाराष्ट्र के ज्ञानेश्वर विठ्ठलराव पाटिल लीवर सिरोसिस के उपचार के लिए दूसरी बार पतंजलि आए थे. उन्होंने बताया कि डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार, आयुर्वेदिक दवाइयों, प्राणायाम और काढ़े के सेवन से उनका वायरल लोड जो 12 लाख से ऊपर था, अब बिल्कुल सामान्य हो गया है.''

इतना ही नहीं पतंजलि का दावा है, ''पंजाब में लुधियाना के रहने वाले पवन कुमार गुलाटी को डॉक्टरों ने लीवर ट्रांसप्लांट की तैयारी करने को कह दिया था. लेकिन, पतंजलि में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उन्हें लीवर सिरोसिस की कोई बीमारी नहीं है और उनका पाचन तंत्र बिल्कुल ठीक है.'' इसी तरह यूपी में नोएडा के रहने वाले तेज नारायण मिश्रा को 2013 में लीवर सिरोसिस की बीमारी हुई थी. एलोपैथी में आराम न मिलने पर उन्होंने योग कार्यक्रम देखकर योग-प्राणायाम शुरू किया और फिर पतंजलि वेलनेस आए, जिससे उन्हें पूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिला.''

पतंजलि ने बताईं उपचार पद्धति की मुख्य विशेषताएं

पतंजलि का दावा है कि वेलनेस में इन रोगों के उपचार में एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया जाता है.

  • थेरेपी: गरम ठंडा सेक, पेट की लपेट, गरम पाद स्नान, मिट्टी का लेप, पिंडली लपेट और धूप स्नान जैसी चिकित्साएं दी जाती हैं.
  • योगासन: भुजंगासन, मर्कट आसन, शवासन, वक्रासन, गोमुखासन और मण्डूकासन जैसे आसन प्रमुख रूप से शामिल हैं.
  • प्राणायाम: कपाल भाति और अनुलोम विलोम लगभग सभी मरीजों के उपचार में शामिल थे.
  • आहार: मरीजों को फलाहार, कच्चा कल्प, मलनाशक आहार, उबला हुआ भोजन और उपवास चिकित्सा लेने की सलाह दी गई.

डिस्क्लेमर: एबीपी नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड और/या एबीपी लाइव इस लेख के कॉन्टेंट और/या इसमें व्यक्त विचारों का किसी भी प्रकार से समर्थन/अनुमोदन नहीं करता है. पाठकों को विवेकपूर्ण निर्णय लेने की सलाह दी जाती है.

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