Language Settings
Select Website Language
newshunt
newshunt

Liver Cancer: लिवर कैंसर में कब बदल जाता है फैटी लिवर? दिक्कत बढ़ने से पहले समझें लक्षण

5 months ago

How To Keep Liver Healthy: लिवर हमारे शरीर के सबसे ज़रूरी अंगों में से एक है. यह खून को साफ करने, जरूरी प्रोटीन बनाने, शरीर में ऊर्जा स्टोर करने और टॉक्सिन्स बाहर निकालने जैसे कई अहम काम करता है. इसके अलावा लिवर बाइल भी बनाता है, जो पाचन में मदद करता है. लेकिन जब लिवर की सेल्स असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं, तो यही स्थिति आगे चलकर लिवर कैंसर का रूप ले लेती है, जो सेहत के लिए बेहद गंभीर साबित हो सकती है.

लिवर कैंसर होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. लंबे समय तक शराब का सेवन, हेपेटाइटिस B और C का इंफेक्शन, फैटी लिवर की समस्या, मोटापा या फिर परिवार में पहले किसी को कैंसर होना, ये सभी इसके जोखिम को बढ़ाते हैं. समय के साथ लिवर कैंसर शरीर की डिटॉक्स प्रक्रिया को प्रभावित करने लगता है, जिससे खून में ज़हरीले तत्व जमा होने लगते हैं, इसका असर थकान, बिना वजह वजन कम होना और पाचन संबंधी दिक्कतों के रूप में दिखाई दे सकता है.

कितने तरह के होते हैं लिवर कैंसर?

लिवर कैंसर मुख्य रूप से दो तरह का होता है. पहला है हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा, जो सबसे आम प्रकार है और सीधे लिवर की सेल्स से शुरू होता है. दूसरा है कोलैंजियोकार्सिनोमा, जो पित्त वेसल्स में विकसित होता है. लिवर कैंसर को खतरनाक इसलिए माना जाता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं या लोग उन्हें नज़रअंदाज कर देते हैं। जब तक बीमारी का पता चलता है, तब तक यह काफी आगे बढ़ चुकी होती है। लिवर की कार्यक्षमता कम होने से शरीर के दूसरे अंगों पर भी असर पड़ता है और धीरे-धीरे शरीर कमजोर होने लगता है.

क्या होते हैं लक्षण?

लिवर कैंसर के शुरुआती लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं और कई बार इन्हें आम बीमारियों की तरह समझ लिया जाता है. शुरुआत में लगातार थकान महसूस होना, कमजोरी, भूख कम लगना, बिना किसी कारण वजन घटना या पेट के दाहिने हिस्से में दर्द या भारीपन महसूस होना शामिल है. कुछ लोगों में आंखों और त्वचा का पीला पड़ना यानी पीलिया, बार-बार मतली या उल्टी की शिकायत भी हो सकती है.

जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, पेट और पैरों में सूजन आ सकती है, शरीर की ताकत और कम होने लगती है और गंभीर मामलों में खून की उल्टी या ब्लीडिंग जैसी स्थिति भी बन सकती है. चूंकि ये लक्षण दूसरी बीमारियों जैसे लग सकते हैं, इसलिए समय रहते डॉक्टर से जांच कराना बहुत जरूरी है. सीटी स्कैन, एमआरआई और लिवर बायोप्सी जैसी जांचें सही डायग्नोसिस में मदद करती हैं. अगर बीमारी का पता शुरुआती दौर में चल जाए, तो इलाज के बेहतर नतीजे मिल सकते हैं और गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

दिलशाद गार्डन स्थित एक प्रतिष्ठित निजी क्लीनिक के गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. आशीष सचान बताते हैं कि "लिवर कैंसर के लक्षण धीरे-धीरे उभरते हैं और शुरुआत में इन्हें आम कमजोरी या पेट की समस्या समझकर लोग नज़रअंदाज कर देते हैं. उनके मुताबिक लगातार थकान रहना, भूख न लगना, बिना वजह वजन कम होना और पेट के दाहिने हिस्से में दर्द या भारीपन महसूस होना ऐसे संकेत हैं, जिन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए."

ये भी पढ़ें-गर्भावस्था में बढ़ रहा है शुगर का खतरा, पहली एंटीनैटल विजिट में ही डायबिटीज स्क्रीनिंग अनिवार्य, जानें क्यों है जरूरी?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Click here to Read More
Previous Article
युवाओं में तेजी से बढ़ रही बॉडी इमेज एंग्जायटी, AIIMS-ICMR ने किया चौंकाने वाला खुलासा
Next Article
Gestational Diabetes: गर्भावस्था में शुगर लेवल की अनदेखी पड़ सकती है भारी: जानें मां और बच्चे को कैसे रखें सुरक्षित?

Related स्वास्थ्य Updates:

Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

Comments (0)

    Leave a comment