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जॉन अब्राहम @53, फिल्में फ्लॉप फिर भी यूथ आइकॉन:कटरीना को फिल्म से निकलवाने का आरोप लगा; काम नहीं मिला तो खुद प्रोड्यूसर बने

6 months ago

बॉलीवुड के फिटनेस आइकॉन जॉन अब्राहम आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। एमबीए की पढ़ाई करने वाले जॉन की पहली नौकरी महज 6500 रुपए की थी। उन्होंने एक मीडिया प्लानर के तौर पर काम करना शुरू किया, लेकिन उनका लुक और स्टाइल देखकर उनके बॉस ने खुद उनसे मॉडलिंग करने के लिए कहा। मॉडलिंग में जॉन को इंटरनेशनल पहचान तो मिली, लेकिन भारत में नाम बनाने के लिए उन्होंने देश लौटने का फैसला किया। इसी दौरान उन्हें करण जौहर की फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ ऑफर हुई, लेकिन जॉन ने फिल्म करने से इनकार कर दिया। फिर फिल्म जिस्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया और धीरे-धीरे हिंदी सिनेमा के एक्शन हीरो बन गए। भले ही जॉन अब्राहम की कई फिल्में फ्लॉप रही हों, लेकिन वे आज भी युवाओं के पसंदीदा स्टार हैं। उनकी फिटनेस और स्टाइल उन्हें खास बनाती है। इसी वजह से युवा आज भी उन्हें फॉलो करते हैं। आज जॉन अब्राहम के 53वें जन्मदिन पर जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से… बॉस की एक सलाह और बदल गई जिंदगी जॉन अब्राहम एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखते हैं। बचपन में उन्होंने काफी संघर्ष किया। उनके पिता अब्राहम जॉन एक आर्किटेक्ट थे। अपने पिता की तरह जॉन भी बड़े होकर आर्किटेक्ट बनना चाहते थे। कॉलेज खत्म करने के बाद जॉन ने मीडिया प्लानर की नौकरी शुरू की। हालांकि, उनका लुक और स्टाइल बाकी लोगों से काफी अलग था। यूं कहें कि वे मीडिया प्लानर कम और एक्टर ज्यादा लगते थे। ऐसे में एक दिन उनके बॉस ने उनकी कद-काठी और पर्सनैलिटी को देखते हुए उन्हें मॉडलिंग करने की सलाह दी। सिर्फ सलाह ही नहीं, बल्कि उन्होंने जॉन को एक मॉडलिंग प्रतियोगिता में भाग लेने में भी मदद की। खास बात यह रही कि जिस मॉडलिंग प्रतियोगिता में जॉन ने हिस्सा लिया, उसमें वे जीते और ‘ग्लैडरैग्स सुपरमॉडल ऑफ द ईयर’ बने। इसके बाद उन्हें इस प्रतियोगिता के इंटरनेशनल एडिशन में भी भाग लेने का मौका मिला। दुनियाभर के मॉडल्स से भरे इस इवेंट में जॉन अब्राहम फर्स्ट रनर-अप रहे। मॉडलिंग की दुनिया में जॉन ने खुद को एक इंटरनेशनल चेहरा बना लिया। जब उन्होंने फिलीपींस में एक इंटरनेशनल मॉडलिंग कॉन्टेस्ट जीता, तो उनके पास मॉडलिंग के कई ऑफर्स आने लगे। उन्होंने सिंगापुर, हॉन्गकॉन्ग, लंदन और न्यूयॉर्क समेत दुनियाभर के कई शहरों में मॉडलिंग की। हालांकि अब तक भारत में उनकी कोई खास पहचान नहीं बनी थी। भारत में अपना नाम बनाने के लिए जॉन अपने देश वापस लौट आए। देखते ही देखते वे भारत के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले मॉडल्स में शामिल हो गए। मॉडलिंग के दौरान ही उन्हें कई म्यूजिक वीडियो में काम करने का मौका मिला। पंजाबी सिंगर जैजी-बी ने उन्हें अपने गाने ‘सूरमा’ के म्यूजिक वीडियो में कास्ट किया, जो उनका पहला म्यूजिक वीडियो था। इसके बाद वे पंकज उधास के गाने चुपके चुपके में नजर आए। इस गाने ने उनके सपनों को उड़ान दी और वे रातों-रात मशहूर हो गए। करण जौहर की फिल्म को कर दिया था मना जॉन अब्राहम शुरू से ही अपने फिल्मी करियर को लेकर सतर्क रहे हैं। आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि जब ‘कभी खुशी कभी गम’ बन रही थी, तब करण जौहर ने जॉन को इस फिल्म के लिए अप्रोच किया था। हालांकि जॉन ने इस फिल्म को करने से सीधे इनकार कर दिया। फिल्म में करण जौहर ने उन्हें शाहरुख या ऋतिक की भूमिका के लिए नहीं, बल्कि रॉकी के किरदार के लिए संपर्क किया था। रॉकी कॉलेज का सबसे मशहूर लड़का होता है, लेकिन ‘कभी खुशी कभी गम’ में इस किरदार के सिर्फ 4-5 सीन ही थे। जॉन के मना करने के बाद यह किरदार विकास सेठी ने निभाया। महेश भट्ट की फिल्म जिस्म से रखा फिल्मी दुनिया में कदम मॉडलिंग और कई म्यूजिक वीडियो करने के बाद जॉन अब्राहम ने बॉलीवुड में कदम रखा फिल्म जिस्म से। इस फिल्म का निर्देशन महेश भट्ट ने किया था। फिल्म में उनके साथ बिपाशा बसु नजर आई थीं। हालांकि, फिल्म ने बड़े पर्दे पर कोई कमाल नहीं किया, लेकिन जॉन और बिपाशा के बोल्ड सीन की खूब चर्चा हुई। इस फिल्म में काम के लिए जॉन को फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट मेल डेब्यू कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया। इसके बाद जॉन ने साया, पाप, ऐतबार और लकीर जैसी कई फिल्मों में काम किया, लेकिन उन्हें वह सफलता नहीं मिली, जिसका वे बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अक्षय की इस फिल्म से बदली जॉन की किस्मत अक्षय और जॉन की जोड़ी फिल्म जगत में शाहरुख-सलमान, अनिल कपूर-जैकी श्रॉफ की जोड़ी की तरह ही मशहूर है। इन दोनों ने गरम-मसाला और देसी बॉयज जैसी फिल्मों में साथ काम किया। दर्शकों ने इनकी जोड़ी को बहुत पसंद किया, लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि अक्षय की एक फिल्म बनने में देरी हुई तो उसी फिल्म ने जॉन की किस्मत बदल दी। साल 2000 में दीपा मेहता अपनी एलिमेंट्स ट्रायोलॉजी की आखिरी फिल्म वाटर बनाने जा रही थीं। इस फिल्म में शबाना आजमी और नंदिता दास के साथ अक्षय कुमार को भी कास्ट किया गया था, लेकिन ये फिल्म विवादों में फंस गई और फिल्म की शूटिंग रोक दी गई। 2005 में दीपा ने अपने इस प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू किया। इस बार फिल्म में लीजा रे और सीमा बिस्वास ने मुख्य भूमिका निभाई। जो भूमिका अक्षय निभाने वाले थे, उसके लिए जॉन को कास्ट किया गया। वाटर बनकर रिलीज हुई और दुनियाभर में फिल्म की सराहना और इसे कई पुरस्कार भी मिले। फिल्म साया से कटरीना को निकलवाया, खूब रोई थीं एक्ट्रेस फिल्म साया में कटरीना कैफ को लीड एक्ट्रेस के तौर पर कास्ट किया गया था। इस फिल्म में उनके अपोजिट जॉन अब्राहम थे, लेकिन कहा जाता है कि जैसे ही जॉन को पता चला कि कटरीना इस फिल्म में हैं, उन्होंने फिल्म से उन्हें बाहर करवा दिया। दरअसल, उस वक्त कटरीना कैफ इंडस्ट्री में बिल्कुल नई थीं और उन्हें हिंदी बोलने में भी काफी दिक्कत होती थी। यही वजह थी कि जॉन उनके साथ काम नहीं करना चाहते थे। ऐसे में कटरीना को फिल्म से बाहर कर दिया गया। जब कटरीना को यह बात पता चली, तो वह बुरी तरह टूट गईं। इसके बाद उन्होंने सलमान खान से मदद मांगी और उनके सामने खूब रोईं। सलमान ने इसका जिक्र आपकी अदालत में किया और कहा था कि वह मेरे पास आईं और जोर-जोर से रोने लगीं। मैंने उनसे कहा, आप रो क्यों रही हैं? उन्होंने आप पर एक एहसान किया है। एक दिन ऐसा भी आएगा जब आप भी किसी को फिल्म से बाहर करने की स्थिति में होंगी, लेकिन तब आप ऐसा मत कीजिए, बल्कि उनके साथ काम कीजिए। इसके बाद कटरीना कैफ को आगे चलकर फिल्म न्यूयॉर्क में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म में उनकी एक बार फिर जॉन अब्राहम के साथ जोड़ी बनने वाली थी। शुरुआत में कटरीना ने कहा कि वह उनके साथ काम नहीं करेंगी, लेकिन सलमान ने उन्हें समझाया और फिर वह मान गईं। फिल्म इंडस्ट्री ने नजरअंदाज किया तो प्रोड्यूसर बने जॉन अब्राहम ने कई हिट फिल्मों में काम किया, लेकिन उनकी जिंदगी में ऐसा भी समय आया जब उनकी फिल्में लगातार फ्लॉप होने लगीं। कई सालों तक उनके पास कोई काम नहीं था और इंडस्ट्री ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। इसी वजह से उन्हें एक्टिंग में खुशी नहीं मिल रही थी। रणवीर पॉडकास्ट में जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने प्रोड्यूसर बनने का फैसला क्यों किया, तो जॉन ने कहा, जो फिल्में मैं कर रहा था, उनसे मैं खुश नहीं था। मैं बदलाव चाहता था। मेरी जिंदगी में एक नया मोड़ आया। लोग मुझे सिर्फ एक भारी-भरकम आदमी से ज्यादा समझने लगे। उन्होंने देखा कि मेरे पास दिमाग भी है और मैं अलग-अलग तरह की फिल्में बना सकता हूं, जैसे विक्की डोनर, परमाणु, बाटला हाउस। उन्होंने आगे कहा, मैं इस बदलाव से खुश था। मैं कभी असुरक्षित महसूस नहीं करता। परमाणु से पहले मैंने चार साल तक कोई काम नहीं किया। इस दौरान कई नए लोग इंडस्ट्री में आ गए और मुझे कहा गया कि मैं खत्म हो गया हूं, लेकिन मैंने कभी मेहनत करना नहीं छोड़ा। मेरा मानना है कि आप बस मेहनत करते रहो, लोग आपकी ईमानदारी को जरूर देखेंगे। एक नजर जॉन की पर्सनल लाइफ पर… जॉन के पिता मलयाली और मां ईरानी हैं जॉन मिक्स्ड फैमिली से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता अब्राहम जॉन केरल के एक मलयाली सीरियन ईसाई हैं और उनकी मां ईरानी हैं जो गुजरात से हैं। जॉन का पारसी नाम फरहान अब्राहम है। उनकी स्कूलिंग मुंबई के बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से हुई, जहां ऋतिक रोशन, उदय चोपड़ा और अभिषेक बच्चन भी उनके साथ ही पढ़ते थे। तीनों के साथ आज भी जॉन की बेहतरीन बॉन्डिंग है। स्कूलिंग पूरी होने के बाद जॉन ने मुंबई के जय हिंद कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने MBA किया। बचपन में झाड़ू से पीटती थीं मां जॉन बचपन में बहुत ही शरारती हुआ करते थे। इस कारण वह अपनी मम्मी से झाड़ू से खूब मार खाते थे। आपका अपना जाकिर शो में जब जॉन अब्राहम से पूछा गया कि क्या उन्हें बचपन में कभी उनकी मां ने मारा था, तो उन्होंने कहा, मम्मी ने मुझे झाड़ू से बहुत मारा। बचपन में जब 6-7 साल के थे, मैं और मेरा भाई चड्डी और बनियान में भागते थे और मम्मी झाड़ू के साथ मारती थी। जॉन ने बताया- मैं और मेरे भाई में कोई सुधार नहीं हुआ और हम ऐसे ही शैतानियां करते रहे। जब मां बेहोश हो जाती थीं, तो हम पानी लेके मम्मी के ऊपर 'मम्मी उठो, मम्मी उठो' कहते हुए डालते थे। देश के लिए फुटबॉल खेलना चाहते थे जॉन अब्राहम की फुटबॉल के लिए दीवानगी किसी से छिपी नहीं है। बॉलीवुड स्टार बनने से पहले वो देश के लिए फुटबॉल खेलना चाहते थे। गार्जियन को दिए एक इंटरव्यू में जॉन कहा था कि जिस समय उन्होंने स्कूल और कॉलेज फुटबॉल टीम की कप्तानी की, उस समय खेल में इतना पैसा नहीं हुआ करता था। इसी वजह से उन्होंने पढ़ाई का रास्ता चुना और एमबीए किया, लेकिन खेलों के अपने शौक को आज भी जॉन ने जीवित रखा है। इसलिए जॉन इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में एक फुटबॉल टीम के मालिक भी हैं, जिसका नाम है नॉर्थ-ईस्ट यूनाइटेड। वैसे जॉन ने फुटबॉल पर गोल नाम की एक फिल्म भी की है। ---------------- बॉलीवुड की ये खबर भी पढ़ें.. राज कपूर की 101वीं बर्थ एनिवर्सरी:नरगिस की हील्स को देखकर समझ गए रिश्ता खत्म हुआ, चीन में पॉपुलैरिटी देख अटल जी हुए थे हैरान एक ऐसे एक्टर, जिनके चेहरे पर मासूमियत, आंखें गहरी नीली और चाल में चार्ली चैपलिन जैसी बात थी। मनोरंजन के साथ उन्होंने अपनी फिल्मों में आम आदमी की बातें कहीं। गरीबी, बेरोजगारी और अमीर-गरीब के बीच की खाई जैसे जटिल विषयों को भी सहजता से परदे पर उतारा। जी हां, हम बात कर रहे हैं भारतीय सिनेमा के शोमैन यानी राज कपूर की। पूरी खबर पढ़ें..
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