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Google CEO की AI को लेकर चेतावनी! हर बात पर आंख मूंदकर भरोसा करना हो सकता है खतरनाक, जानिए सब कुछ

6 months ago

Sundar Pichai on AI: Google की पैरेंट कंपनी Alphabet के CEO सुंदर पिचाई ने एक इंटरव्यू में लोगों को साफ तौर पर चेतावनी दी है कि वे AI टूल्स द्वारा बताए गए हर जवाब को पूरी तरह सच न मानें. उनका कहना है कि मौजूदा AI तकनीक अभी भी गलतियाँ करती है इसलिए इसे अन्य भरोसेमंद स्त्रोतों के साथ मिलाकर इस्तेमाल करना ही समझदारी है.

AI से गलती होना सामान्य

पिचाई ने कहा कि आज के AI मॉडल अभी भी errors के प्रति संवेदनशील हैं. यही वजह है कि एक स्वस्थ और विविध सूचना इकोसिस्टम जरूरी है ताकि लोग सिर्फ AI पर निर्भर न रहें. उन्होंने बताया कि इसी कारण लोग Google Search और अन्य प्रोडक्ट्स भी इस्तेमाल करते हैं जो ज्यादा सटीक जानकारी देने पर आधारित हैं.

AI को फैक्ट-चेक करने की जिम्मेदारी यूजर्स पर न डालें

कई विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी टेक कंपनियों को अपनी AI गलतियों का समाधान खुद करना चाहिए न कि यूज़र्स से अपेक्षा करनी चाहिए कि वे हर आउटपुट को फैक्ट-चेक करें. प्रोफेसर जीना नेफ ने कहा कि AI चैटबॉट “लोगों को खुश करने के लिए जवाब गढ़ लेते हैं” और यह बड़ी समस्या है खासकर तब जब मामला स्वास्थ्य, विज्ञान या किसी गंभीर जानकारी से जुड़ा हो.

Google भी मानता है AI अभी परफेक्ट नहीं है

पिचाई ने माना कि कंपनी सटीक जानकारी प्रदान करने के लिए काफी मेहनत करती है लेकिन मौजूदा स्टेट-ऑफ-द-आर्ट AI अभी भी गलत जवाब दे सकता है. इसी कारण Google अपने AI टूल्स पर चेतावनी संदेश दिखाता है कि वे कभी-कभी गलत तथ्य दे सकते हैं. Google के AI Overviews फीचर को भी गलत और अटपटे जवाबों के कारण आलोचना झेलनी पड़ी थी.

Gemini 3.0 और AI Mode

Google जल्द ही अपना कंज़्यूमर AI मॉडल Gemini 3.0 लॉन्च करने की तैयारी में है जो ChatGPT की बढ़त को चुनौती दे रहा है. कंपनी ने सर्च में नया “AI Mode” जोड़ा है जिससे यूजर Gemini से ऐसे बात कर सकते हैं जैसे किसी विशेषज्ञ से बात कर रहे हों. पिचाई का कहना है कि यह AI प्लेटफ़ॉर्म शिफ्ट का नया चरण है और Google की प्रतिस्पर्धा बरकरार रखने की कोशिश भी.

AI की गलतियों पर रिसर्च भी उठाती है सवाल

BBC के एक अध्ययन में पाया गया कि ChatGPT, Copilot, Gemini और Perplexity इन सभी AI चैटबॉट्स ने न्यूज़ लेखों के सारांश में “काफी गलतियां” कीं. इससे साफ है कि AI जनरेटेड जानकारी को बिना जांचे मान लेना खतरे से खाली नहीं है.

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