Language Settings
Select Website Language
newshunt
newshunt

EV बैटरियों पर 21 अंकों का यूनिक नंबर लगेगा:क्वालिटी और असली लाइफ चेक करना आसान होगा, रिसाइकिल होने पर मिलेगा नया नंबर

5 months ago

मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बैटरियों की पहचान और उनकी ट्रैकिंग के लिए एक नया सिस्टम तैयार किया है। सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि देश में हर EV बैटरी का अपना एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर होगा। जिसे 'बैटरी पैक आधार नंबर' (BPAN) कहा जाएगा। यह नंबर 21 अंकों का होगा, जिससे बैटरी के बनने से लेकर उसके खराब होने या रिसाइकिल होने तक की पूरी जानकारी एक क्लिक पर मिल सकेगी। बैटरी पर 21 अंकों का यूनिक नंबर अनिवार्य होगा मिनिस्ट्री की जारी ड्राफ्ट गाइडलाइंस के अनुसार, बैटरी बनाने वाली कंपनियों और इन्हें इंपोर्ट करने वालों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे हर बैटरी पैक को एक 21-कैरेक्टर का BPAN असाइन करें। यह नियम न केवल बाजार में बेची जाने वाली बैटरियों पर, बल्कि कंपनियों के खुद के इस्तेमाल के लिए बनाई गई बैटरियों पर भी लागू होगा। बैटरी पर ऐसी जगह लगेगा नंबर, जहां से मिटाया न जा सके रिसाइकिल होने पर नया BPAN नंबर मिलेगा इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बैटरी की पूरी लाइफ साइकिल पर नजर रखेगा। इसमें कच्चे माल की माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, इस्तेमाल और आखिरी में रिसाइकिलिंग की जानकारी स्टोर होगी। अगर किसी बैटरी को रिसाइकिल किया जाता है या उसे दूसरे काम के लिए दोबारा तैयार किया जाता है, तो उसे एक नया BPAN नंबर जारी किया जाएगा। इससे पुरानी और नई बैटरी के बीच पारदर्शिता बनी रहेगी। 2kWh से ऊपर की इंडस्ट्रियल बैटरियों पर भी नियम भारत में लिथियम-आयन बैटरी की कुल डिमांड का 80% से 90% हिस्सा EV सेक्टर से आता है। इसलिए सरकार ने शुरुआती फेड में EV बैटरियों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। हालांकि, गाइडलाइंस में यह भी सुझाव दिया गया है कि 2 kWh से ज्यादा कैपेसिटी वाली इंडस्ट्रियल बैटरियों पर भी यह नियम लागू किया जाना चाहिए। AIS कमेटी स्टैंडर्ड तय करेगी BPAN फ्रेमवर्क को लागू करने के लिए ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS) रूट का पालन किया जाएगा। इसके लिए एक कमेटी बनाई जाएगी। जिसमें बैटरी निर्माता, कार कंपनियां, रिसाइकिलर्स और सरकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह कमेटी तकनीकी बारीकियों और नियमों को एक समान लागू करने पर काम करेगी। बैटरी की सेकंड लाइफ क्या है? जब EV की बैटरी 70-80% कैपेसिटी पर आ जाती है, तो वह कार चलाने के लायक नहीं रहती। लेकिन इसे घरों में इन्वर्टर या सोलर पावर स्टोर करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। BPAN से यह पता चलेगा कि कौन सी बैटरी अब कार से हटाकर दूसरे काम में ली जा सकती है। ये खबर भी पढ़ें... फास्टैग के लिए KYV प्रोसेस 1 फरवरी से खत्म होगी: वाहन मालिकों को बार-बार अपडेट नहीं करना पड़ेगा, बैंक खुद डेटा वेरिफाई करेंगे 1 फरवरी 2026 से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने नई कार के लिए KYV प्रोसेस बंद करने का फैसला किया है। पूरी खबर पढ़ें...
Click here to Read More
Previous Article
CES-2026 दुनिया का सबसे बड़ा टेक इवेंट 6 जनवरी से:AI रोबोट और 3 बार मुड़ने वाला फोन दिखेंगे; AI पर पूरा फोकस रहेगा
Next Article
टाटा पंच का फेसलिफ्ट 13 जनवरी को लॉन्च होगा:नए एक्सटीरियर डिजाइन के साथ सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा, एक्सपेक्टेड प्राइस ₹6 लाख

Related प्रौद्योगिकी Updates:

Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

Comments (0)

    Leave a comment